UPI चार्ज के विरोध में व्यापारी इंदौर में शुरू करेंगे डिजिटल अभियान, 125 संगठन हुए एकजुट, 10 लाख लोगों तक पहुंचने का टारगेट
- इंदौर में यूपीआई पेमेंट को लेकर शुरू हो गया विरोध
- व्यापारियों ने 23 सितंबर को नो यूपीआई डे मनाने का फैसला किया
- व्यापारी उस दिन ढक देंगे यूपीआई स्कैनर
- पेट्रोल पंप भी 2000 रुपए से अधिक नहीं लेंगे यूपीआई पेमेंट
10 लाख लोगों तक पहुंचने का टारगेट : अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (ACCI) के समर्थन में इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन (IRGA) ने पोस्टर, सोशल मीडिया (Social Media) और कॉल सेंटर (Call Centers) के जरिए मंगलवार (Tuesday) से जागरूकता अभियान शुरू किया है। संगठन का लक्ष्य करीब 10 लाख लोगों तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाना है।
मर्चेंट लेन-देन पर संभावित अतिरिक्त शुल्क का विरोध : एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि यह अभियान UPI व्यवस्था के विरोध में नहीं है, बल्कि बड़े मर्चेंट लेन-देन पर संभावित अतिरिक्त शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंताओं को सामने रखने के लिए है। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त लागत का असर खासकर कम मार्जिन वाले कारोबार पर पड़ सकता है।
वित्त मंत्रालय तक अपनी मांग पहुंचाने की योजना : वहीं, चैंबर की योजना नेशनल ट्रेड वेलफेयर बोर्ड के जरिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय तक अपनी मांग पहुंचाने की है। नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है। 2000 से ज्यादा के ज्यादातर योग्य पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी का एमडीआर लगेगा, जबकि 2000 रुपए तक के पेमेंट मुफ्त रहेंगे। इसके बजाए 2000 रुपए से ज्यादा के फ्यूल ट्रांजैक्शन पर प्रति ट्रांजैक्शन रुपए का फ्लैट एमडीआर लगेगा। यह चार्ज व्यापारियों को उठाना होगा और इसे यूपीआई फीस के तौर पर ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा।

