1. समाचार
  2. वेबदुनिया सिटी
  3. इंदौर
  4. Traders to launch digital campaign in Indore to protest UPI charges

UPI चार्ज के विरोध में व्यापारी इंदौर में शुरू करेंगे डिजिटल अभियान, 125 संगठन हुए एकजुट, 10 लाख लोगों तक पहुंचने का टारगेट

upi payment
  • इंदौर में यूपीआई पेमेंट को लेकर शुरू हो गया विरोध
  • व्यापारियों ने 23 सितंबर को नो यूपीआई डे मनाने का फैसला किया
  • व्यापारी उस दिन ढक देंगे यूपीआई स्कैनर
  • पेट्रोल पंप भी 2000 रुपए से अधिक नहीं लेंगे यूपीआई पेमेंट
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस UPI चार्ज के विरोध में 23 सितंबर को इंदौर Indore में 'नो यूपीआई डे' के रूप में एक दिन का सांकेतिक विरोध Protest किया जाएगा। यह विरोध आज से शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत 10 लाख लोगों तक पहुंचने का टारगेट रखा गया है।

बता दें कि यूपीआई के बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित चार्ज को लेकर इंदौर के व्यापारिक संगठनों ने विरोध अभियान तेज कर दिया है। ‘नो यूपीआई डे’ No UPI Day 23 सितंबर को प्रस्तावित है। इंदौर में अधिकांश व्यापारियों ने बार कोड को ढक दिया है। साथ ही विरोध स्वरूप 23 सितंबर को नो यूपीआई डे मनाने का फैसला किया है। इसमें 125 से ज्यादा व्यापारिक संगठन शामिल हैं।

10 लाख लोगों तक पहुंचने का टारगेट : अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (ACCI) के समर्थन में इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन (IRGA) ने पोस्टर, सोशल मीडिया (Social Media) और कॉल सेंटर (Call Centers) के जरिए मंगलवार (Tuesday) से जागरूकता अभियान शुरू किया है। संगठन का लक्ष्य करीब 10 लाख लोगों तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाना है।

मर्चेंट लेन-देन पर संभावित अतिरिक्त शुल्क का विरोध : एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि यह अभियान UPI व्यवस्था के विरोध में नहीं है, बल्कि बड़े मर्चेंट लेन-देन पर संभावित अतिरिक्त शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंताओं को सामने रखने के लिए है। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त लागत का असर खासकर कम मार्जिन वाले कारोबार पर पड़ सकता है।

काले कपड़े से ढक दिए पेमेंट डिवाइस : इंदौर में व्यापारियों ने विरोध जताने के लिए यूपीआई स्कैनर और पेमेंट डिवाइस को काले कपड़े से ढक देंगे। शुक्रवार को एक बैठक में सभी संगठनों को एक साथ लाने के बाद अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने 23 सितंबर को नो यूपीआई डे घोषित किया है।

वित्त मंत्रालय तक अपनी मांग पहुंचाने की योजना : वहीं, चैंबर की योजना नेशनल ट्रेड वेलफेयर बोर्ड के जरिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय तक अपनी मांग पहुंचाने की है। नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है। 2000 से ज्यादा के ज्यादातर योग्य पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी का एमडीआर लगेगा, जबकि 2000 रुपए तक के पेमेंट मुफ्त रहेंगे। इसके बजाए 2000 रुपए से ज्यादा के फ्यूल ट्रांजैक्शन पर प्रति ट्रांजैक्शन रुपए का फ्लैट एमडीआर लगेगा। यह चार्ज व्यापारियों को उठाना होगा और इसे यूपीआई फीस के तौर पर ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा।
अगला लेख
गुजरात के एकता नगर में सजेगा 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का मंच