आधी रात को कॉल कर धमकाया, इंदौर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ दंपती की भूख हड़ताल, विधायक समर्थकों पर मारपीट आरोप
इंदौर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे दंपत्ति ने अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया है। घटना समाजसेवी प्रहलाद पांडेय के साथ हुई। उन्होंने कहा कि शहर में कई जगह अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगे हैं, जिन पर कार्रवाई होना चाहिए, मगर ऐसा नहीं हो रहा है। बता दें कि समाजसेवी प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता पांडेय के साथ रीगल तिराहे स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
फेसबुक लाइव के वक्त विवाद : जानकारी के मुताबिक प्रहलाद पांडे बाणगंगा क्षेत्र में लगे अवैध होर्डिंग को लेकर फेसबुक लाइव कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ विवाद शुरू हो गया। पांडे का आरोप है कि विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई और मोबाइल व माइक्रोफोन छीन लिया गया।
वहीं पांडे का कहना है कि जब तक शहर से अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर नहीं हटते, वे भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। रात 2.30 बजे धमकी भरा काल भी आया। दरअसल, बुधवार शाम 6.30 बजे प्रहलाद पांडेय मरीमाता चौराहे पर गए थे। यहां लगे अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर को लेकर वीडियो बना रहे थे।
वीडियो बनाने के दौरान वे अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर का जिक्र कर रहे थे। यह भी बता रहे थे कि विधायक कानून बनाते हैं। विधायक की जिम्मेदारी है कि अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर न लगने दें, लेकिन शहरभर में विधायकों के समर्थक अवैध होर्डिंग लगा रहे हैं। प्रहलाद पांडेय ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस दौरान विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक चौराहे पर आ गए।
उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। प्रहलाद ने आरोप लगाया कि बुधवार रात 2.30 बजे मोबाइल पर कॉल आया। कॉल पर धमकाते हुए कहा कि हमें पता है कि तेरा घर कहां है और तेरे बच्चे कहां पढ़ते हैं। भूख हड़ताल समाप्त कर घर चला जा, नहीं तो तेरे साथ ठीक नहीं होगा।
मरीमाता चौराहे पर मारपीट की घटना के बाद वे रीगल तिराहे पर महात्मा गांधी की शरण में पहुंचे। उन्होंने रोते हुए अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। इसके बाद वे पत्नी के साथ गांधी प्रतिमा के नीचे भूख हड़ताल पर बैठ गए। जब इस बारे में उनके परिचितों को पता चला तो वे भी उनके समर्थन में पहुंच गए।
हाईकोर्ट में लगाई याचिका : प्रहलाद ने बताया कि लगभग 20 दिन पहले इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में मांग की है कि अवैध होर्डिंग, बैनर व पोस्टर लगाने वालों से ही नगर निगम हटाने का खर्च वसूले। उनके विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज हो। साथ ही 311 ऐप पर अवैध होर्डिंग, बैनर व पोस्टर की शिकायत के लिए नया विकल्प शुरू किया जाए। संभवतः अगले सप्ताह इस मामले में सुनवाई होगी।
पहले मंत्रीजी के घर के सामने से ले गई थी पुलिस : बता दें कि प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता पांडेय वही दंपती हैं, जो कुछ दिन पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर संविधान की कॉपी लेकर पहुंचे थे। वे मंत्री के बयानों से आहत होकर पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस बल भी घर पर तैनात था। उन्हें समझाइश दी गई थी तो वे सड़क पर बैठ गए थे। इस पर पुलिस ने प्रहलाद को टांगाटोली कर उठा लिया था और दंपती पर कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया था।
वहीं पांडे का कहना है कि जब तक शहर से अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर नहीं हटते, वे भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। रात 2.30 बजे धमकी भरा काल भी आया। दरअसल, बुधवार शाम 6.30 बजे प्रहलाद पांडेय मरीमाता चौराहे पर गए थे। यहां लगे अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर को लेकर वीडियो बना रहे थे।
वीडियो बनाने के दौरान वे अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर का जिक्र कर रहे थे। यह भी बता रहे थे कि विधायक कानून बनाते हैं। विधायक की जिम्मेदारी है कि अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर न लगने दें, लेकिन शहरभर में विधायकों के समर्थक अवैध होर्डिंग लगा रहे हैं। प्रहलाद पांडेय ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस दौरान विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक चौराहे पर आ गए।
मरीमाता चौराहे पर मारपीट की घटना के बाद वे रीगल तिराहे पर महात्मा गांधी की शरण में पहुंचे। उन्होंने रोते हुए अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। इसके बाद वे पत्नी के साथ गांधी प्रतिमा के नीचे भूख हड़ताल पर बैठ गए। जब इस बारे में उनके परिचितों को पता चला तो वे भी उनके समर्थन में पहुंच गए।
हाईकोर्ट में लगाई याचिका : प्रहलाद ने बताया कि लगभग 20 दिन पहले इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में मांग की है कि अवैध होर्डिंग, बैनर व पोस्टर लगाने वालों से ही नगर निगम हटाने का खर्च वसूले। उनके विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज हो। साथ ही 311 ऐप पर अवैध होर्डिंग, बैनर व पोस्टर की शिकायत के लिए नया विकल्प शुरू किया जाए। संभवतः अगले सप्ताह इस मामले में सुनवाई होगी।

