Guru purnima 2024 : गुरु पूर्णिमा पर किस देवता की पूजा करनी चाहिए?
Guru purnima 2024 puja
गुरु पूर्णिमा की पूजा : इस दिन महाभारत के रचनाकार महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए ही गुरु पूर्णिमा का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन वेद व्यासजी की पूजा के साथ ही श्रीहरि भगवान विष्णु की पूजा होती है। इसी के साथ ही जगतगुरू भगवान श्रीकृष्ण की भी पूजा होती है। ALSO READ: Guru Poornima : करियर में आ रही है रुकावट तो ऐसे करें गुरु पूर्णिमा पर पूजन
21 जुलाई 2024 पूजा का शुभ मुहूर्त:
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा प्रारंभ- 20 जुलाई 2024, शनिवार को शाम 05 बजकर 59 मिनट से।
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति- 21 जुलाई 2024, रविवार को 03 बजकर 46 मिनट पर होगी।
उदयातिथि के अनुसार गुरु पूर्णिमा रविवार को मनाई जाएगी।
गुरु पूर्णिमा का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- प्रात: 04:14 से 04:55 तक।
प्रातः सन्ध्या- प्रात: 04:35 से 05:37 तक।
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:00 से 12:55 तक।
विजय मुहूर्त- अपराह्न 02:44 से 03:39 तक।
अमृत काल- शाम 06:15 से 07:45 तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07:17 से 07:38 तक।
सायाह्न सन्ध्या- शाम 07:18 से 08:20 तक।
निशिथ काल- रात्रि 12:07 से 12:48 तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग- 21 जुलाई को सुबह 05:37 से 22 जुलाई को 12:14 तक।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा कब है, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूजन विधि

