सोमनाथ में सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर प्रशासन का बड़ा कदम, 60 दिनों के लिए लागू हुए ये 3 प्रतिबंध
सोमनाथ में प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3 महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किए गए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट राजेश आलं द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है, जो सोमनाथ मंदिर के दोनों ओर लगभग 4 किलोमीटर के क्षेत्र में अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समुद्र के गहरे पानी में स्नान करने पर रोक
सोमनाथ दर्शन के लिए पवित्र तीर्थ स्थल पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष निर्देश दिए गए हैं। अधिसूचना के अनुसार, श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सुरक्षा के लिहाज से समुद्र के गहरे पानी में स्नान करने के लिए न जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी घटना को रोका जा सके।
त्रिवेणी संगम में पूजा सामग्री प्रवाहित करने पर प्रतिबंध
प्रभास पाटन के पवित्र त्रिवेणी संगम में नदी की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए पूजा सामग्री प्रवाहित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब से नदी में केवल अस्थि और पिंड का ही विसर्जन किया जा सकेगा। वहीं, नदी या जलाशय में चुनरी, नारियल, फूल, मिट्टी के बर्तन और प्लास्टिक सहित किसी भी प्रकार का कचरा डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध
सुरक्षा कारणों से गिर सोमनाथ जिले के कुल 34 संवेदनशील स्थानों पर बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाई गई है। सोमनाथ मंदिर सहित इन 34 स्थानों पर ड्रोन का उपयोग करने के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है। इन प्रतिबंधित स्थानों में कोस्ट गार्ड स्टेशन, कलेक्ट्रेट कार्यालय, जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जेल और बिजली सब-स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

