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Covid-19 मरीजों में नजर आई साइटोमेगालोवायरस बीमारी, जानिए लक्षण और उपचार

साइटोमेगालोवायरस
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन इसका प्रभाव बहुत अधिक दिनों तक  नजर आ रहा है। कोविड -19 से ठीक होने के बाद लोग अलग-अलग तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। 
इतना ही नहीं कोविड-19 से ग्रसित होने के बाद लोग डायबिटीज का शिकार हो गए।

अभी तक कोरोना से स्वस्थ होने के बाद फंगल इंफेक्‍शन, ब्लड क्लॉटिंग, साइटोकाइन, हैप्पी हाइपोक्सिया तमाम तरह की बीमारियां घेर रही है लेकिन अब एक और बीमारी सामने आई है रेक्टल ब्लीडिंग। यह साइटोमेगालोवायरस से संबंधित है।

दिल्‍ली में इस बीमारी से ग्रसित 5 मामले सामने आए, जिसमें से एक की मौत हो गई। आइए जानते हैं क्‍या है यह बीमारी, लक्षण और उपचार-

कोविड-19 से ठीक होने के बाद यह बीमारी 20 से 30 दिन के अंदर संक्रमित हुए व्यक्तियों में नजर आ रही है।

साइटोमेगालोवायरस के लक्षण

लंबे वक्त तक बुखार
थकान और बेचैनी होना
गले में खराश
जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
भूख नहीं लगना या कम लगना
ग्रंथियों में सूजन आना
दिमाग में सूजन
वजन घटना
सांस संबंधी परेशानी

साइटोमेगालोवायरस का कारण

यह बीमारी तरल पदार्थों से फैलता है। जैसे- ब्लड, लार या शरीर के अन्य तरल पदार्थ। कोविड-19 की तरह इसका भी ट्रांसमिशन होता है। यह बीमारी भी एक-दूसरे में फैलती है।

उपचार

इस बीमारी से बचाव के उपचार संभव है। यह बीमारी खास कर उन लोगों को घेर रही है जिन्हें स्टेरॉयड की खुराक अधिक दी गई। साथ ही जिनका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो गया।  

इस बीमारी से बचाव के लिए वैज्ञानिकों द्वारा शोध जारी है। फिलहाल इसका कोई सटीक इलाज नहीं है,लेकिन एंटीवायरल दवाओं की मदद से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
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