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धन तेरस पर यहां जलाएं दीपक, पाप का होगा नाश, नरक का मुंह नहीं देखना पड़ेगा

Dhanteras
Dhan teras Diwali 2023: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन मुख्य स्थानों पर 5 से 13 दीपक जलाएं जाते हैं। इस दिन यम के नाम का दीपक भी मुख्य स्थान पर प्रज्वलित करने से पापों का नाश होता है और जातक को नरक की सजा नहीं भोगना पड़ती है। इसलिए इस दिन यहां पर दीपक जलाना चाहिए। धनतेरस का पर्व 10 नवंबर 2023 शुक्रवार को मनाया जा रहा है।
 
धनतेरस पूजा के शुभ मुहूर्त :- 10 नवंबर 2023 शाम 05:35 से 07:20 तक।
यम दीपम सायान्ह सन्ध्या- 10 नवंबर 2023 शाम 05:30 से 06:49 के बीच।
 
धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त जिस घर में दीपदान किया जाता है, वहां अकाल मृत्यु नहीं होती है। 
धनतेरस की शाम को मुख्य द्वार पर 13 और घर के अंदर भी 13 दीप जलाने होते हैं। 
लेकिन यम के नाम का दीपक परिवार के सभी सदस्यों के घर आने और खाने-पीने के बाद सोते समय जलाया जाता है। 
इस दीप को जलाने के लिए पुराने दीपक का उपयोग किया जाता है जिसमें सरसों का तेल डाला जाता है। 
यह दीपक घर से बाहर दक्षिण की ओर मुख कर नाली या कूड़े के ढेर के पास रख दिया जाता है। 
 
इसके बाद जल चढ़ा कर दीपदान करते समय यह मंत्र बोला जाता है-
 
मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात्सूर्यज: प्रीतयामिति।।
 
कई घरों में इस दिन रात को घर का सबसे बुजुर्ग सदस्य एक दीया जला कर पूरे घर में घुमाता है और फिर उसे लेकर घर से बाहर कहीं दूर रख कर आता है। घर के अन्य सदस्य अंदर रहते हैं और इस दीये को नहीं देखते हैं। यह दीया यम का दीया कहलाता है। माना जाता है कि पूरे घर में इसे घूमा कर बाहर ले जाने से सभी बुराइयां और कथित बुरी शक्तियां घर से बाहर चली जाती हैं।
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