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Lockdown में सड़क किनारे जन्मा बच्चा, नर्स ने दिखाई मानवता

Lockdown
कोरोना के मद्देनजर Lockdown के जरिए जहां पूरी दुनिया में मानवता को बचाने की कोशिश की जा रही है, वहीं इसके नकारात्मक पहलू भी सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश के छतरपुर में मानवता को झकझोरने वाली ऐसी ही घटना सामने आई, जहां एक महिला को एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा। 
 
दरअसल, शहर के सिविल लाइन थाने के समीप बसे घुमक्कड़ जाति के लुहार (लोहपीटा) परिवारों से जुड़ी एक महिला को रविवार दोपहर दो बजे के लगभग प्रसव पीड़ा होने लगी। महिला के परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन लगाया, लेकिन एंबुलेंस महाराजपुर में मौजूद थी इसलिए मौके पर नहीं पहुंच पाई।
 
महिला की पीड़ा बढ़ती जा रही थी। इसी दौरान अस्पताल से लौट रही एक नर्स रूपा सिंह महिला के परिवार के लिए मसीहा बनकर आई। नर्स की मौजूदगी में ही सड़क किनारे चारपाई लगाकर महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।  प्रसव के बाद जब मौके पर एंबुलेंस पहुंची तो बच्चे और प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आपको बता दें कि खजुराहो-पन्ना रोड पर सिविल लाइन थाने के समीप सड़क किनारे घुमक्कड़ जाति के ये लुहार झोपडिय़ां बनाकर अपने परिवार के साथ रहते हैं। इस बीच, परिजनों ने वहां निकल रहे वाहनों को रोकने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं रुका।
सिविल लाइन थाने के इंस्पेक्टर पंकज मिश्रा को रोककर जब परिजनों ने मदद मांगी तो उन्होंने टैक्सी का इंतजाम कर दिया, लेकिन तब तक प्रसूता ज्योति की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और वहां से गुजर रही नर्स ने सुरक्षित प्रसव कराया।
लेखक के बारे में
कीर्ति राजेश चौरसिया