डॉ. हर्षवर्धन का बड़ा बयान, 18-19 कंपनियां कोविड टीका तैयार करने में जुटी हुई हैं

Last Updated: मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021 (00:43 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 के लिए टीके तैयार करने में 18-19 टीका कंपनियां जुटी हैं और वे नैदानिक ​​परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि अगले 2-3 हफ्तों में 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोविड शुरू किया जाएगा।
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डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 टीकों को लेकर 18-20 कंपनियां प्रयासरत हैं और वे परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में हम भारत में नए टीकों की पेशकश कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि देश में अग्रिम पंक्ति के 80-85 प्रतिशत योद्धाओं का टीकाकरण किया गया है।
भारत द्वारा कई देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति किए जाने के बीच मंत्री ने कहा कि लगभग 20-25 देश टीका प्राप्त करेंगे। डॉ. हर्षवर्धन ने टीकों से संबंधित अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं तथा पिछले 7 दिनों में देश के 188 जिलों में कोविड-19 का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है जबकि 21 जिलों में 21 दिनों से कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है।
डॉ. हर्षवर्धन ने लोगों से कोविड संबंधी उचित व्यवहार का पालन करने का आग्रह करते कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि कोविड संबंधी उचित व्यवहार का पालन करते रहें जिसे मैं वास्तविक टीकों के साथ सामाजिक टीका कहता हूं। भारत ने देश में आपातकालीन उपयोग के लिए भारत बायोटेक और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित टीकों को मंजूरी दी है।
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डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि हालांकि सरकार का इरादा दूसरे चरण के लिए टीकाकरण की लागत को वहन करने का है, लेकिन इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उस चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि बजट में प्रधानमंत्री की एक प्रमुख योजना आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना की घोषणा की गई है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 2020-21 के बजट में स्वास्थ्य के लिए एक समग्र दृष्टिकोण का जिक्र किया गया है और यह आवंटन जीडीपी का 1.8 प्रतिशत है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 ने देश में स्वास्थ्य क्षेत्र की क्षमता को मजबूत किया है। हमने एक संकट को अवसर में बदल दिया और शुरू में यहां 1 प्रयोगशाला थी, जो अब बढ़कर 2,500 हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से हम सबके लिए स्वास्थ्य का सपना लेकर आए हैं। हमारे समग्र दृष्टिकोण, प्राचीन चिकित्सा ज्ञान, अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रणालियां सामूहिक रूप से दुनिया के लिए एक मॉडल होंगी। (भाषा)



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