1. मनोरंजन
  2. बॉलीवुड
  3. बॉलीवुड न्यूज़
  4. rupali ganguly supports neet students condemns violence demands transparent exam system

'छात्रों की मांग जायज, लेकिन हिंसा से कमजोर होता है आंदोलन', 'अनुपमा' फेम रुपाली गांगुली ने जताई चिंता

Rupali Ganguly
देश भर में नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा उफान पर है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर कई प्रमुख शहरों तक छात्र और अभिभावक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हुए हैं। 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के इस्तेमाल के वीडियो वायरल होने के बाद इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है।
 
अब इस संवेदनशील मुद्दे पर टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री और 'अनुपमा' फेम रुपाली गांगुली की प्रतिक्रिया सामने आई है। रुपाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लंबी पोस्ट शेयर कर जहां एक तरफ छात्रों की न्यायसंगत मांगों का पुरजोर समर्थन किया है, वहीं दूसरी तरफ हिंसक प्रदर्शनों और पुलिस पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
 

"कानून हाथ में लेने वाले छात्र नहीं हो सकते"

रुपाली गांगुली ने अपनी पोस्ट में बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्याय मांगने का तरीका हमेशा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने लिखा, जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिसकर्मियों पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसी हरकतें केवल एक जायज और मजबूत आंदोलन को कमजोर करने का काम करती हैं।
 
उन्होंने कहा कि हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। जब शांतिपूर्ण आंदोलन अचानक हिंसक रूप ले लेता है, तो छात्रों के मुख्य और वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और ध्यान व्यवस्था-भंग पर केंद्रित हो जाता है।

पारदर्शी परीक्षा और जवाबदेही छात्रों का अधिकार

छात्रों की परेशानियों पर गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हुए अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता समय की मांग है। उन्होंने कहा, पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग पूरी तरह से जायज है। देश के छात्रों को एक निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पाने का पूरा हक है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
 
रुपाली ने यह भी उल्लेख किया कि हालिया मामलों में जांच एजेंसियों और सरकार की ओर से कार्रवाई की शुरुआत हुई है, गिरफ्तारियां हुई हैं और कानूनी प्रक्रिया जारी है। ऐसे में सुधार की दिशा में प्रक्रियात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
 
आंदोलन के रुख पर चिंता व्यक्त करते हुए रुपाली ने छात्रों को आगाह किया कि वे अपने आंदोलन को किसी बाहरी या राजनीतिक एजेंडे का शिकार न बनने दें। उन्होंने लिखा, "यदि असामाजिक या राजनीतिक रूप से प्रेरित तत्व छात्रों के इस निस्वार्थ आंदोलन का फायदा अपने एजेंडे के लिए उठाने लगते हैं, तो इससे न्याय की आस लगाए बैठे निर्दोष छात्रों को ही सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है।"
 
रुपाली गांगुली ने कहा, भारत अपने छात्रों के साथ खड़ा है। लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर शिक्षा सुधारों के लिए होनी चाहिए, न कि विनाश या हिंसा के लिए। हर छात्र से मेरी अपील है कि शांतिपूर्ण और एकजुट होकर प्रदर्शन करें। किसी को भी अपनी भावनाओं और भविष्य का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए न करने दें।
लेखक के बारे में
वेबदुनिया एंटरटेनमेंट टीम
वेबदुनिया एंटरटेनमेंट टीम बॉलीवुड, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया की ताजातरीन खबरों पर नज़र रखती है। यह टीम सिनेमा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को अपने पाठकों तक पहुंचाती है, चाहे वो फिल्मों की समीक्षा, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, विश्लेषण, फोटो फीचर हो या फिर ट्रेंडिंग इवेंट्स। टीम का उद्देश्य पाठकों को मनोरंजन.... और पढ़ें
अगला लेख
NEET पेपर लीक विवाद: मुंबई में छात्रों के समर्थन में उतरीं स्वरा भास्कर, पति फहाद अहमद को पुलिस ने लिया हिरासत में