देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में धांधली और पेपर लीक के मामले को लेकर राजधानी दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे इन युवाओं के सपोर्ट में कई बॉलीवुड सेलेब्स भी आगे आ रहे हैं।
सलमान खान, प्रीति जिंटा, सोनू सूद, शबाना आजमी, अनुपम खेर और दीया मिर्जा जैसी कई बड़ी हस्तियों ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और छात्रों के अधिकारों के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है।
सलमान खान ने कहा– पेपर लीक बेहद गंभीर मुद्दा
बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। सलमान ने लिखा, पेपर लीक एक बहुत ही गंभीर विषय है। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि हमारे देश के बच्चे एक बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए एक साथ आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। यह विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन इसमें हुई हिंसा की खबर से मुझे दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उन छात्रों और उनके परिवारों के साथ हैं जो घायल हुए हैं।
सलमान ने आगे कहा, इस आंदोलन को किसी भी तरह से राजनीतिक मत बनाइए, ये बच्चों की लड़ाई है और उनका संघर्ष है, हमारे देश को एक बेहतर एजुकेशन सिस्टम की जरूरत है, जो मेरे आधार पर होना भी चाहिए। मुझे पूरा यकीन है कि सरकार इस मामले पर छात्रों का साथ देगी और कोई न कोई हल निकाले।
आलिया भट्ट ने लिखा, पिछले कुछ दिनों ने बार-बार मेरा दिल तोड़ा है और फिर उम्मीद के साथ इसे जोड़ा भी है। अपनी बात पर डटे हर छात्र के पीछे एक सपना, परिवार की उम्मीद और अनगिनत कुर्बानियों का सफर होता है। वे सिर्फ अपना ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्होंने उनका साथ दिया है, और साथ ही आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहतर रास्ता भी बना रहे हैं।
उन्होंने लिखा, उनका साहस मुझे नतमस्तक करता है। उनका संकल्प हम सभी के सामने एक ऐसा आईना है, जो सवाल पूछता है कि क्या हम वाकई उन लोगों की बात सुन रहे हैं जो इस देश के कल को संभालेंगे और संवारेंगे। छात्रों के लिए। छात्रों द्वारा। भविष्य उन्हीं का है। जय हिंद।
प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, छात्रों का समर्थन करना और ऐसी शैक्षिक सुधारों की मांग करना, जो हमारे युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाएं, बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन उतना ही जरूरी यह भी है कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को देश-विरोधी तत्व अपने स्वार्थ के लिए हाईजैक न करें और उन्हें अराजकता फैलाने या आंदोलन की मूल भावना बदलने का माध्यम न बना दें।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन इतनी नफरत और विभाजन देखकर मुझे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि क्या देश के भीतर और बाहर मौजूद कुछ असामाजिक या देश-विरोधी तत्व हमारे छात्रों के गुस्से और निराशा को अपने मकसद के लिए हथियार बनाना शुरू कर चुके हैं।
प्रीति जिंटा ने एक अन्य पोस्ट में सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए कहा, सरकार को सोनम वांगचुक और छात्र संगठनों के साथ एक सार्थक बातचीत शुरू करनी चाहिए ताकि उनके स्वास्थ्य में और गिरावट न आए। उन्होंने सोनम से भी अपना अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि आपका स्वास्थ्य भी इस लड़ाई जितना ही महत्वपूर्ण है। आप और छात्र भारत और हमारे युवाओं के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। हमारी शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और उसके उत्थान की इस लड़ाई में हर छात्र और सोनम को मेरा दिल से और अटूट समर्थन है। आप सभी को और अधिक शक्ति मिले।
शबाना आजमी और प्रकाश राज जमीनी स्तर पर पहुंचे
जहां कई सितारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी, वहीं वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज खुद दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनका हौसला बढ़ाया।
शबाना आजमी ने कहा कि संविधान हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है। महात्मा गांधी के सिद्धांतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपने भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए न्याय मांग रहे हैं।
हमेशा युवाओं की मदद के लिए आगे रहने वाले सोनू सूद ने लिखा, "हमारे देश के छात्रों को लाठियों की नहीं, बल्कि उन्हें गले लगाने वाले और समझने वाले हाथों की जरूरत है।"
अभिनेत्री दीया मिर्जा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि अपनी जवाबदेही मांगने आए युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुखद है।
स्टैंडअप कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने अपने साथी कलाकारों से इस मुद्दे पर चुप न रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के भविष्य यानी युवाओं का है।
अनुपम खेर की छात्रों को सलाह
अभिनेता अनुपम खेर ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों के संघर्ष के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह खुद एक छात्र रहे हैं और इस डर और गुस्से को समझते हैं। हालांकि, उन्होंने छात्रों को आगाह करते हुए कहा, छात्र आंदोलन समाज की सबसे ईमानदार आवाज होती है। लेकिन मेरी एक सलाह है कि बाहर से आने वाले लोगों या नेताओं को अपने इस आंदोलन का इस्तेमाल न करने दें। ध्यान रखें कि कोई आपकी इस सच्ची लड़ाई को अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए हथिया न ले। अपनी लड़ाई अपने शर्तों पर लड़ें।
बॉलीवुड की प्रमुख हस्तियों के इस आंदोलन से जुड़ने के कारण अब यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है। देश की जनता और फिल्म जगत दोनों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाती है।