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Wed, 4 Nov 2026

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वृश्चिक वृश्चिक
व्यक्तित्व

इस राशि वाले निरंतर निर्माण कार्यों में रत्‌ रहते हैं तथा जाने-अनजाने अपने भविष्य का निर्माण स्वयं करते रहते हैं। जय के बाद इन्हें विजय अवश्य मिलती है। मौलिक बनते हैं। अधिक संवेदनशील होते हैं। संतुलन एवं समरसता की खोजने में लगे रहते हैं। अपनी रहस्यात्मकता को कम करने में स्वयं को अधिक प्रकाशित करते हैं। यह भीतर से कोमल तथा बाहर से कठोर होते हैं। स्वयं को व्यक्त करते हैं। जीवन में यह जातक कीर्तिमान बनाते हैं। इस राशि वालों को सरलता से हराया नहीं जा सकता है। ये अच्छे संघर्ष का आनंद लेते हैं तथा भावुकता से पीड़ित रहते हैं। वृश्चिक राशि के लोग चाहे उच्च स्तर पर रहे हों अथवा निम्न स्तर पर, चाहे वह ग्राहक हों या प्रदाता ओजपूर्ण हों अथवा शीतल ये अपने प्रभाव को अवश्य छोड़ते हैं। इस राशि वाले सिद्धांतों के लिए संघर्ष करने वाले होते हैं। इन्हें हीन अथवा श्रेष्ठ कहना गलत है। उनमें सभी मानवीय दुर्बलताएं एवं विशषताएं पाई जाती हैं। वृश्चिक राशि वालों को परम्पराओं के प्रति कोई प्रेम नहीं होता। वह नवनिर्माण के लिए पुरातन को धराशायी करने में नहीं हिचकते हैं। इनका यही व्यवहार व्यक्तियों के साथ भी रहता है। ये चाहते हैं कि लोग इन्हें समझें और जाने परंतु सदैव योग्य व्यक्तियों की प्राप्ति का अभाव इन्हें इस संबंध में रियायत बरतने को बाध्य कर सकता है। उनकी प्रकृति चुनौती प्रदायी एवं अभिलाषापूर्ण होती है। उनकी रुचियां एवं अरुचियां चरम सीमा की होती हैं। इनमें मध्यमार्ग को नहीं ढूंढा जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति बेईमान या अपमान करता है तो ऐसे व्यक्तियों के लिए ये भयंकर सिद्ध होते हैं। जब तक वह व्यक्ति पुनः शरण में नहीं आता है, तब तक पीछे पड़े ही रहते हैं। इन्हें हमेशा स्पर्शजन्य रोग होने का भय रहता है। वृश्चिक राशि वाले अपनी शर्तों तथा बुद्धिमता को सर्वश्रेष्ठ मानने के कारण शीघ्र असंतुष्ट और दुःखी हो जाते हैं। ये शक्ति के प्रशंसक होते हैं। भयंकर प्रतियोगी होते हैं। दूसरों के कष्ट तथा कठिनाइयों के प्रति भी सहानुभूति पूर्ण होते हैं तथा इनमें विद्रोह की भावना भी रहती है। वृश्चिक राशि के लोग भय के कामों में भी हाथ डालने से नहीं झिझकते। यह लोग अपने व्यक्तित्व के बल पर ही अपने शत्रु अथवा प्रतिद्वंद्वी को दबा लेते हैं। इन लोगों का विशेष अभ्युदय जीवन के उत्तरार्द्ध में होता है। यह निपुण, धैर्यपूर्ण, अपने विचारों के पक्के तथा दूसरों की राय न मानने वाले होते हैं। यह अकारण ही संघर्ष में पड़ जाते हैं। इनके शत्रु भी बहुत होते हैं, परन्तु वह शत्रु इन्हें कोई विशेष हानि नहीं पहुंचा पाने में असमर्थ ही रहते हैं। वृश्चिक राशि वालों में भलाई अथवा बुराई का बदला भलाई अथवा बुराई से देने की पर्याप्त क्षमता होती है। यह लोग अच्छे संगठनकर्ता प्रभावशाली नेता था पराक्रमी योद्धा होते हैं। राजनीति के क्षेत्र में इन्हें अत्यधिक सफलता प्राप्त होती है। यह अपने निश्चय को पुरा करने के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार रहते हैं।।

Diwali Puja Rules: दिवाली पूजा में लक्ष्मी जी की आरती करें या नहीं? जानें क्या कहते हैं ज्योतिष और शास्त्र

क्‍यों की जाती है गोवर्धन पूजा? श्रीकृष्ण और गायों का पूजन से क्‍या है संबंध?

क्‍यों की जाती है गोवर्धन पूजा? श्रीकृष्ण और गायों का पूजन से क्‍या है संबंध?Govardhan Puja 2026: हिंदू धर्म में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण, प्रकृति, गौमाता और अन्न के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन स्वरूप की पूजा की जाती है। घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गाय को सुख, समृद्धि, पोषण और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं क्‍यों की जाती है गोवर्धन पूजा? गोवर्धन पूजा से भगवान श्रीकृष्‍ण और गायों का क्‍या है संबंध?