पश्चिम बंगाल चुनाव फेज 2 वोटिंग: West Bengal में दूसरे चरण में भी बंपर वोटिंग
पश्चिम बंगाल में जहां पहले चरण में 93.19 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी, वहीं आज दूसरे चरण में भी करीब 92 फीसदी वोटिंग हुई है। इसी के साथ बंगाल में वोटिंग का कुल औसत 92.50 फीसदी से ज्यादा हो गया है, जो कि देश में किसी राज्य में वोटिंग का नया रिकॉर्ड है।
आंकड़ों को देखा जाए तो बंगाल में कभी भी 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग नहीं हुई। यानी इस बार पश्चिम बंगाल में मतदान का एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। इतना ही नहीं, बंगाल में हुई वोटिंग देशभर में किसी भी राज्य में हुई वोटिंग के रिकॉर्ड से ज्यादा हो गई है। अब तक यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के पास था, जहां 2013 में 91.82 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान कराया गया है। जहां पहले चरण में राज्य में 93.19 फीसदी मतदान हुआ था। वहीं, दूसरे चरण में भी मतदान 90 फीसदी से ऊपर रहा है, जिसका अभी और बढ़ना लगभग तय है। इस लिहाज से देखा जाए तो बंगाल में औसत मतदान प्रतिशत 90 फीसदी से ऊपर रहा है, जो कि बंगाल में पिछले सभी चुनावों से ज्यादा है।
बंगाल में 2026 से पहले सबसे ज्यादा वोटिंग का आंकड़ा 2011 में दर्ज किया गया था। तब राज्य में 84.33 फीसदी वोटिंग हुई थी। यह वही चुनाव था, जब बंगाल में 34 साल से शासन कर रही लेफ्ट पार्टी का वर्चस्व खत्म हुआ था और तृणमूल कांग्रेस पहली बार जीतकर सत्ता में आई थी। तब ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं।
मजेदार बात यह है कि बंगाल में इससे पहले 80 फीसदी से ज्यादा वोटिंग का आंकड़ा 1996 और 2006 में पहुंचा था। ममता बनर्जी के चुनाव जीतने के बाद बंगाल में वोटिंग का आंकड़ा भी लगातार 80 फीसदी के ऊपर बना रहा, लेकिन मतदान का रिकॉर्ड नहीं टूटा।
Edited By: Naveen R Rangiyal
बता दें कि पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान कराया गया है। जहां पहले चरण में राज्य में 93.19 फीसदी मतदान हुआ था। वहीं, दूसरे चरण में भी मतदान 90 फीसदी से ऊपर रहा है, जिसका अभी और बढ़ना लगभग तय है। इस लिहाज से देखा जाए तो बंगाल में औसत मतदान प्रतिशत 90 फीसदी से ऊपर रहा है, जो कि बंगाल में पिछले सभी चुनावों से ज्यादा है।
बंगाल में 2026 से पहले सबसे ज्यादा वोटिंग का आंकड़ा 2011 में दर्ज किया गया था। तब राज्य में 84.33 फीसदी वोटिंग हुई थी। यह वही चुनाव था, जब बंगाल में 34 साल से शासन कर रही लेफ्ट पार्टी का वर्चस्व खत्म हुआ था और तृणमूल कांग्रेस पहली बार जीतकर सत्ता में आई थी। तब ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं।
Edited By: Naveen R Rangiyal

