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Exit Poll: बंगाल में चुनावी चाणक्य अमित शाह ने कैसे लिखी भाजपा की जीत की पटकथा?

West Bengal Assembly Elections
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद आए अधिकांश एग्जिट पोल्स में राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनाती हुई दिख रही है। बंगाल में 294 विधानसभा सीटों को लेकर आए अधिकांश एग्जिट पोल में भाजपा बहुमत का आंकड़ा पार करती हुई दिख रही है।

पश्चिम बंगाल को लेकर आए एग्जिट पोल्स के अनुमान अगर सहीं साबित होते है और 4 मई को नतीजे भाजपा के पक्ष में जाते है तो भाजपा पहली बार बंगाल में सरकार बनाएगी। बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का पूरा श्रेय भाजपा के चुनावी चाणक्य माने जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से सबक लेते हुए अमित शाह ने बंगाल विधानसभा की पूरी चुनावी कमान अपने हाथों में रखी। बंगाल में पहले चरण की वोटिंग से करीब 10 दिन पहले से बंगाल में डेरा डालने वाले अमित शाह करीब 20 दिन बंगाल में रहे और यहीं से उन्हीं बंगाल में भाजपा की जीत की पटकथा लिख दी।
 

अमित शाह की रणनीति सिर्फ रैलियां करना और भरना नहीं, बल्कि उनका पूरा फोकस चुनावी मैंनेजमेंट पर था। अमित शाह की अगुवाई में भाजपा ने एक ऐसा वार रूम तैयार किया हो कोलकाता से लेकर सीधे दिल्ली तक सीधा जुड़ा  था। इसके  साथ अमित शाह ने संगठन की तरफ से सुनील बंसल, महेश शर्मा, सीपी जोशी और संजय भाटिया जैसे अनुभवी लोगों को बंगाल भेजा और इन नेताओं ने लोकल स्तर पर समन्वय कर एक अक्रामक और सधी रणनीति तैयार की।

अमित शाह ने बंगाल में बूथ मैनेजमेंट पर काफी फोकस किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर 10-15 अतिरिक्त वोटर जोड़ने के निर्देश दिए, ऐसे में एक विधानसभा क्षेत्र में ढाई हजार से लेकर साढ़े तीन हजार वोटर्स जोड़े गए। अब एग्जिट पोल्स के नतीजे बताते है कि शाह का यह बूथ-मैनेजमेंट का फार्मूला रंग ला दिया और भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाते हुए दिख रही है।

दरअसल बंगाल विजय के लिए अमित शाह ने तीन स्तरीय एक रणनीति तैयार की। उन्होंने भाजपा के बंगाल यूनिट को बूथ स्तर तक री-इंजीनियर किया. हर बूथ पर 5-7 सक्रिय कार्यकर्ता, वोटर लिस्ट का डेटा एनालिसिस और एआई टूल्स से टारगेटेड कैंपेन जारी किया, दूसरा, मुद्दों का चयन. वे टीएमसी को गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया।

तीसरी रणनीति मुद्दों का चुनाव, अमित शाह ने इस बार बंगाल में वोटरों के ध्रुवीकरण के लिए जहां सांप्रदायिक एजेंडा चलया वहीं विकास का मिश्रण किया। भाजपा ने बंगाल चुनाव में CAA, NRC जैसे मुद्दों को सांस्कृतिक सुरक्षा से जोड़, जिसने वोटर्स को इमोशनल प्रभावित किया। इस बार भाजपा ने जिस तरह से बंगाल के लोगों को अपने से जोड़ने का इमोशनल दांव चला वह भी कारगर होता दिख रहा है।

पहले चरण की वोटिंग के बाद जिस तरह से अमित शाह ने कहा कि भाजपा की ओर से बंगाल का मुख्यमंत्री बंगाली बोलने वाला होगा और बंगाल से ही आएगा। इसके साथ ही दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने सिकिक्म में फुटबाल खेला उसको सीधे बंगाल से जोड़कर देखा गया। वहीं बंगाल में पीएम मोदी का दुकान पर पहुंचकर लाई खाना भी इसी से जोड़कर देखा गया।
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विकास सिंह
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