1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. rang de basanti campaign students lucknow ai social media talent

'रंग दे बसंती' अभियान से जुड़ रहे हजारों विद्यार्थी, नवयुग कन्या कॉलेज में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

rang de basanti proggramme
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर ‘बेटी बढ़ाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश लेकर पर्वतारोहण अभियान पर निकलीं लखनऊ की पर्वतारोही पूर्वा धवन ने माउंट रुद्रगैरा की 5,826 मीटर ऊंची चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 10 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे शिखर पर पहुंचीं पूर्वा ने कठिन बर्फीले और चट्टानी रास्तों, कम ऑक्सीजन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच यह उपलब्धि हासिल की। अब उनका अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करना है।
 

सीएम योगी से मुलाकात कर सौंपा था ‘बेटी बढ़ाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश

 
मई 2018 में पूर्वा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का बैनर सौंप चुकी हैं। सीएम योगी ने शुभकामनाएं देकर उनका हौसला बढ़ाया था। पूर्वा ने रुद्रगैरा फतह का श्रेय परिवार के सहयोग और सीएम की प्रेरणा को दिया। अभियान में शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा की भी अहम भूमिका रही। क्योंकि उन्हीं के मार्गदर्शन में पूर्वा ने गंगोत्री में विशेष प्रशिक्षण लिया। 
 

गंगोत्री से दो दिन का सफर, फिर 1,300 मीटर की कठिन चढ़ाई

 
पूर्वा, शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा ने 7 सितंबर को सुबह 9 बजे गंगोत्री से ट्रेक शुरू किया। दो दिन की चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग के बाद टीम 4,350 मीटर की ऊंचाई पर रुद्रगैरा बेस कैंप पहुंची। 10 सितंबर को सुबह चार बजे बेस कैंप से समिट पुश शुरू हुआ। करीब आठ घंटे 30 मिनट की कठिन चढ़ाई में टीम ने लगभग 1,300 मीटर की ऊंचाई हासिल की और दोपहर 12:30 बजे 5,826 मीटर ऊंचे शिखर पर पहुंची। रास्ते में खड़ी बर्फ, चट्टानी हिस्से और कठिन खुले सेक्शन थे। ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की कमी और शारीरिक थकान ने चुनौती बढ़ाई, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान मिले प्रोत्साहन को पूर्वा ने अपने अभियान की ऊर्जा बनाया और लगातार नए लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं।
 

पीक्स एंड प्लास्टिक से स्वच्छ हिमालय का संदेश, अब मिशन एवरेस्ट 

 
पूर्वा ने अपने अभियान को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। ‘पीक्स एंड प्लास्टिक’ पहल के जरिए वह पर्वतीय क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार पर्वतारोहण का संदेश दे रही हैं। उनका कहना है कि हिमालय की चोटियों को फतह करना जितना गौरवपूर्ण है, उतना ही जरूरी उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखना भी है। रुद्रगैरा पर तिरंगा फहराने के बाद अब पूर्वा की नजर 8,848.86 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर है। उनका लक्ष्य एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा फहराने के साथ महिला सशक्तीकरण, युवा प्रेरणा और स्वच्छ हिमालय का संदेश पहुंचाना है।
अगला लेख
वाराणसी में सीवर लाइन जाम करने की साजिश? बोरियों में मिली बालू, पत्थर और लकड़ी का बुरादा, FIR दर्ज