'जेबकतरों से सावधान, वो CBSE के अंदर बैठे हैं': आंसर शीट री-इवेल्यूएशन फीस को लेकर बरसे राहुल गांधी
सीबीएसई द्वारा आंसर शीट की जांच में पैसे लेने से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी खासे नाराज हैं। उन्होंने गांधी ने इसे लेकर मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई के अंदर बैठे जेबकतरों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि गलती CBSE की। सजा बच्चे की। कमाई सरकार की।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर गलत आए तो आपको क्या मिलता है? एक बिल, डिजिटल स्कैन कॉपी : 100 रुपए प्रति विषय, रिटोटलिंग 100 रुपए प्रति पेपर और रिइवेयूएशन 25 रुपए प्रति सवाल।
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 1, 2026
एक bill:
Digital scan copy: 100 रुपए/विषय
Re-totalling: 100 रुपए/paper
Re-evaluation: 25रुपए/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को 2000 तक भरने पड़ सकते हैं।… pic.twitter.com/H0WS1xF6Zf
क्या है सीबीएसई की कमाई का गणित?
उन्होंने कहा कि अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को 2000 रुपए तक भरने पड़ सकते हैं। सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
बच्चे चुका रहे हैं कीमत
राहुल ने दावा किया कि जब स्कैनिंग फोन से हुई हो, गलत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की कीमत बच्चा भर रहा है। गलती CBSE की। सजा बच्चे की। कमाई सरकार की। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
edited by : Nrapendra Gupta
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