CM योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक, UP सरकार ने लिए ये अहम फैसले
Cabinet meeting chaired by CM Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। खबरों के अनुसार, बैठक में आज कुल 31 प्रस्ताव आए। इसमें 30 प्रस्ताव पास हुए, जबकि प्रस्ताव संख्या 3 को होल्ड किया गया। इस दौरान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाया। कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्य कर्मचारियों को सेवा नियमावली नियम 24 में किए गए बदलावों के तहत हर साल अपनी संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले कर्मचारियों का प्रमोशन रोका जा सकता है।
बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में आज कुल 31 प्रस्ताव आए। इसमें 30 प्रस्ताव पास हुए, जबकि प्रस्ताव संख्या 3 को होल्ड किया गया। इस दौरान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाया। कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
राज्य कर्मचारियों को सेवा नियमावली नियम 24 में किए गए बदलावों के तहत हर साल अपनी संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले कर्मचारियों का प्रमोशन रोका जा सकता है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इसके तहत राज्य कर्मचारियों को एक कैलेंडर वर्ष में 6 महीने के मूल वेतन से अधिक राशि स्टाक, शेयर मार्केट या अन्य निवेश में लगाने पर इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावाली 1956 में संशोधन होगा। अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने 2 महीने की सैलरी से ज्यादा वैल्यू की किसी भी चल संपत्ति (जैसे- गाड़ी, सोना) का लेनदेन करता है, तो उसे इसकी सूचना देनी होगी।
यह कदम पारदर्शिता बढ़ाएगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा। गौरतलब है कि पहले एक महीने के मूल वेतन से अधिक की चल संपत्ति का विवरण देना होता था। नियमों के मुताबिक, राज्य कर्मचारियों को अपनी या परिवार के सदस्यों के नाम पर अर्जित, दान में प्राप्त, पट्टे पर रखी संपत्तियों या अन्य निवेशों की जानकारी भी देनी जरूरी होगी।
इस फैसले से ग्रामीणों में खुशी की लहर
हरेक ग्रामसभा में बसें चलाने के कैबिनेट के इस फैसले से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अब ओला, ऊबर आदि को अब पंजीयन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, मेडिकल, वेरिफिकेशन आदि के कोई ओला ऊबर आदि टैक्सी नहीं चलेगी। एग्रीगेटर कंपनी को 5 लाख रुपए शुल्क देकर लाइसेंस दिया जाएगा। यह नियम तिपहिया ऑटो एवं टू-व्हीलर पर लागू नहीं होगा।
प्रापर्टी बेचने वाले की आइडेंटिटी को खतौनी में देखा जाएगा। स्टाम्प निबंधन विभाग अब मालिकाना को चेक करेगा। बिना मिल्कियत को जांच किए अब स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा। कैबिनेट के फैसले में स्टाम्प एवं निबंधन और परिवहन विभाग पर भी जोर दिया गया।
Edited By : Chetan Gour