CM योगी का जनता दर्शन, कहा- समस्याओं का शीघ्र करें समाचार
योगी आदित्यनाथ ने दी बच्चों को सीख- किताबें पढ़ो, सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग न करो
CM Yogi Janta Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता दर्शन किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए पीड़ितों के पास मुख्यमंत्री स्वयं चलकर पहुंचे। उनका प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार सभी की उचित समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। निश्चिंत होकर घर जाइए, आपकी समस्याओं का निस्तारण होगा। मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रशासनिक व पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समय सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए।
निवेश और उद्योग विकास में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दो उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेषकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) व जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतरीन इकोसिस्टम तैयार किया गया है। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। उद्यमियों की परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निवेश और उद्योग विकास में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अवैध कब्जे के मामले पर सीएम हुए सख्त
कासगंज से आए पीड़ित ने सीएम के समक्ष पुलिस से जुड़ी शिकायत रखी। पीड़ित ने अपने प्रकरण में कार्रवाई पर देरी की शिकायत की। इस पर सीएम योगी ने पुलिस अधीक्षक को मामले का संज्ञान लेते हुए समस्या के समयबद्ध निराकरण का निर्देश दिया। वहीं एक प्रकरण पारिवारिक विवाद से भी जुड़ा आया। अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत पर सीएम सख्त हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने पीड़ित को आश्वस्त किया कि नियमानुसार तत्काल कार्रवाई होगी।
किताबें पढ़ो, सोशल मीडिया का न्यूनतम प्रयोग करो
जनता दर्शन में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। एक बच्चे के पास पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें पढ़ो। सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही करो, जितनी आवश्यकता है। इसका अत्यधिक प्रयोग घातक है। सीएम ने मोबाइल आदि का प्रयोग भी कम करने की सलाह दी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala