Share market review: भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए यह हफ्ता बेहद खराब रहा। ट्रंप टैरिफ की वजह से मचे घमासान से सेंसेक्स 80,000 से नीचे बंद हुआ तो निफ्टी भी 24500 के नीचे पहुंच गया। जानिए आने वाले हफ्ते में कैसा रहेगा मार्केट ट्रैंड और क्या करें निवेशक?
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल : हफ्ते के पहले दिन 25 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में तेजी दिखाई दी। आईटी और वाहन शेयरों में भारी लिवाली से बीएसई सेंसेक्स 329 अंक चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी 98 अंक के लाभ में रहा। 26 अगस्त से सेंसेक्स और निफ्टी में जो गिरावट का दौर शुरू हुआ, पूरे हफ्ते जारी रहा। सेंसेक्स 849 अंक गिरकर 81,000 अंक के स्तर से नीचे बंद हुआ। 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में बाजार बंद था।
28 अगस्त को बीएसई सेंसेक्स 705.97 अंक लुढ़क कर 80,080.57 अंक और एनएसई निफ्टी 211.15 अंक की गिरावट के साथ 24,500.90 अंक पर बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन 29 अगस्त को भी शेयर बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 271 अंक गिरकर 79,810 अंक पर बंद, एनएसई निफ्टी 74 अंक गिरकर 24,427 अंक पर रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में कुल 1,826 अंक की गिरावट आई है वहीं निफ्टी में भी 540 अंकों की गिरावट रही।
निवेशकों को 11.21 लाख करोड़ का नुकसान : सतत बिकवाली के दबाव के चलते बाजार निवेशकों की संपत्ति तीन कारोबारी सत्रों में 11.21 लाख करोड़ रुपए घट चुकी है। गिरावट के इस दौर में बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 11,21,459.36 करोड़ रुपए घटकर 4,43,65,504.09 करोड़ रुपए रह गया। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.41 प्रतिशत की गिरावट पर रहा जबकि स्मालकैप सूचकांक में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
2026 में आएगा सबसे बड़ा IPO : देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो का अगले साल की पहली छमाही में प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब तक का भारत का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। अभी तक भारत में सबसे बड़ा आईपीओ हुंदै मोटर इंडिया का रहा है, जिसने अक्टूबर 2024 में 27,870 करोड़ रुपए (करीब 3.3 अरब डॉलर) जुटाए थे। इससे पहले मई 2022 में एलआईसी का 21,000 करोड़ रुपए का आईपीओ आया था।
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल : अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद से वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के बीच आईटी और वाहन शेयरों में भारी लिवाली से 25 अगस्त को बाजार में बढ़त दिखाई दी। ट्रंप के टैरिफ एलान से 26 अगस्त को बाजार गिरा तो भारतीय उत्पादों पर 27 अगस्त से 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद से ही निवेशकों की धारणा सतर्क बनी हुई है। गिरते रुपए और क्रूड ने भी बाजार में गिरावट को बढ़ाया।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट : शेयर बाजार विशेषज्ञ सागर अग्रवाल ने कहा कि ट्रंप से डील फायनल नहीं होने की वजह से बाजार की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। ट्रंप और उसके साथ दबाव बना रहे हैं, हालांकि भारत ने साफ कर दिया है कि किसानों के हित में वह दबाव में काम नहीं करना चाहती। पीएम मोदी के चीन और जापान दौरे से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। शेयर बाजार में भी लांग टर्म में इसका सकारात्मक असर दिख सकता है।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता : अग्रवाल ने बताया कि भारत की जीडीपी 7.8 पर आ गई है। दुनियाभर में चल रही अनिश्चितता के बीच यह विकास दर महत्वपूर्ण है। इसका शेयर बाजार पर भी सकारात्मक असर होगा। जापान ने भारत में 6000 अरब रुपए के निवेश और 5 लाख रोजगार के निवेश का वादा किया है। सोमवार को बाजार में तेजी दिखाई दे सकती है। हालांकि बाकी दिनों में बाजार में अनिश्चितता की स्थिति बनी रह सकती है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।