Operation Sindoor पर संसद में हुई बहस, क्यों नहीं बोले मनीष तिवारी, दिया यह जवाब...
Manish Tiwari News : संसद के मानसून सत्र में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, लेकिन दिग्गज नेता मनीष तिवारी को इस मुद्दे पर बोलने का मौका नहीं मिला। तिवारी ने कहा कि मैं इस विषय पर बोलना चाहता था, लेकिन पार्टी ने तय किया कि संसद में पार्टी का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। हो सकता है कि मुझसे बढ़िया तरीके से कोई पार्टी का पक्ष संसद में रखे, मगर मुझे कोई पछतावा नहीं है। मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा (28-29 जुलाई) में इस पर 18 घंटे 41 मिनट चर्चा हुई। 73 सदस्यों ने इसमें भाग लिया।
खबरों के अनुसार, संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, लेकिन दिग्गज नेता मनीष तिवारी को इस मुद्दे पर बोलने का मौका नहीं मिला। तिवारी ने कहा कि मैं इस विषय पर बोलना चाहता था, लेकिन पार्टी ने तय किया था कि संसद में पार्टी का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।
तिवारी ने कहा कि हो सकता है कि मुझसे बढ़िया तरीके से कोई पार्टी का पक्ष संसद में रखे, मगर मुझे कोई पछतावा नहीं है। पार्टी को शायद लगा होगा कि मैं अपना पक्ष नहीं रख पाऊंगा। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए कांग्रेस सांसदों शशि थरूर, मनीष तिवारी और अमर सिंह का नाम उनकी पार्टी के वक्ताओं की लिस्ट में नहीं था।
संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई थी। लोकसभा (28-29 जुलाई) में इस पर 18 घंटे 41 मिनट चर्चा हुई। 73 सदस्यों ने इसमें भाग लिया। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और 'वोट चोरी' के मुद्दे को लेकर तिवारी ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
Edited By : Chetan Gour