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Uttarkashi Avalanche : एवलॉन्च में 10 पर्वतारोहियों की मौत, 8 हुए रेस्क्यू, कई अब भी फंसे

Avalanche
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में माउंट द्रौपदी का डांडा-2 शिखर पर मंगलवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की 41 सदस्यीय टीम के हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद वहां 10 शव देखे गए हैं। हालांकि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चार व्यक्तियों की मौत होने की पुष्टि की है। खबरों के अनुसार सर्च अभियान जारी है। खबरों के अनुसार 8 का रेस्क्यू किया गया है।
 
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 5 कर्मियों और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के तीन प्रशिक्षकों की एक टीम को खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए संस्थान के डोकरानी बमक ग्लेशियर आधार शिविर में उतारा गया।
उत्तर प्रदेश के सरसावा स्थित भारतीय वायुसेना के आधार शिविर के दो हेलीकॉप्टरों ने भी हिमस्खलन स्थल का निरीक्षण किया और उसके बाद ये हर्षिल हेलीपैड पर लौट गए।

जारी की सूची : उत्तराखंड पुलिस ने बुधवार को उन 28 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों की सूची जारी की। ये प्रशिक्षु पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के हैं।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को उत्तराखंड में पर्वतारोहण अभियान के दौरान हिमस्खलन की घटना में पर्वतारोहियों की मौत पर दुख जताया।
 
संस्थान के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने कहा कि हिमस्खलन सुबह करीब पौने नौ बजे लगभग 17,000 फुट की ऊंचाई पर तब हुआ जब उत्तरकाशी स्थित ‘निम’ के 34 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों और सात प्रशिक्षकों का एक दल शिखर से वापस लौट रहा था।
 
कर्नल बिष्ट ने कहा कि हिमस्खलन के बाद टीम के सदस्य हिम-दरारों में फंस गए। उन्होंने कहा कि दस शव देखे गए हैं, जिनमें से चार बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अंधेरे और खराब मौसम के कारण रात में बचाव कार्य रोक दिया गया है।
 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खोज और बचाव अभियान के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए सचिवालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने बुधवार के अपने सभी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं।
 
बरेली में वायुसेना स्टेशन से सेना का एक एएलएच हेलीकॉप्टर भी बुधवार को सुबह खोज और बचाव अभियान में शामिल होने के लिए मतली में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के हेलीपैड पर इंतजार कर रहा है।
 
कर्नल बिष्ट ने कहा कि ‘निम’ में एक उन्नत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के तहत, पर्वतारोहण प्रशिक्षुओं का दल अपने प्रशिक्षकों के साथ अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर गया था।
 
उत्तरकाशी आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने पहले दिन में कहा था कि फंसे हुए लोगों में से आठ को बचा लिया गया है।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद है कि हमने निम उत्तरकाशी पर्वतारोहण अभियान से जुड़े लोगों के बहुमूल्य जीवन को खो दिया है। शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों द्वारा स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
 
शाह ने ट्वीट किया कि उत्तरकाशी में हुई हिमस्खलन की घटना अत्यंत दुःखद है। इस संबंध में मैंने अधिकारियों से बात की है। स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी व सेना की टीम पूरी तत्परता से राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। राहुल गांधी ने भी उन शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है जिन्होंने इस घटना में अपनों को खो दिया है। (भाषा)
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