1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. प्रादेशिक
  4. Illegal brick kilns curbed by Yogi government's strictness
Last Modified: लखनऊ (उप्र) , शनिवार, 20 दिसंबर 2025 (18:17 IST)

योगी सरकार की सख्ती से अवैध ईंट भट्टों पर लगी लगाम, विनियमन से प्राप्त हुई 193.5 करोड़ की आय, प्रदूषण नियंत्रण में मिली बड़ी सफलता

Chief Minister Yogi Adityanath
- मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बनाई गईं जिला स्तरीय सत्यापन समितियां
- अवैध ईंट भट्टे के संचालन और वायु प्रदूषण के मामले में कमी दर्ज
- एनजीटी के मानकों के अनुरूप हो रहा ईंट भट्टों का संचालन
Chief Minister Yogi Adityanath News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ईंट भट्टों के विनियमन के लिए जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिससे एक ओर प्रदेश में ईंट भट्टों के संचालन का नियमितीकरण हुआ है, साथ ही एनजीटी के मानकों के अनुरूप प्रदूषण स्तर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण उपाय लागू किए जा सके हैं। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईंट भट्टों से लगभग 193.5 करोड़ रुपए विनियमन शुल्क के रूप में आय की प्राप्ति हुई है। जो न केवल प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रदेश में ईंट भट्टों के नियमित संचालन और एनजीटी के मानकों के अनुपालन के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिनके माध्यम से प्रदेश में ईंट भट्टों के सत्यापन अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन समितियों ने भट्टा मालिकों से विनियमन शुल्क का शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की, जिसके फलस्वरूप राज्य को लगभग 193.5 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई है, जो पिछले वर्षों में प्राप्त विनियम शुल्क की तुलना में अधिक है।

साथ ही उन्होंने बताया कि सत्यापन अभियान के तहत प्रदेश में चल रहे हजारों की संख्या में अवैध ईंट भट्टों को बंद कराया गया, साथ ही कई भट्टों में मानक के अनुरूप प्रबंधन कराकर उन्हें मानकीकृत किया गया है। इन समितियों का संचालन जिला अधिकारी, अपर जिला अधिकारी, एसडीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, स्थानीय पुलिस और पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है।
ईंट भट्टों के जनपद स्तरीय सत्यापन से न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि अवैध ईंट भट्टों के संचालन में 70 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। साथ ही ईंट भट्टों का संचालन में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के कड़ाई से अनुपालन ने वायु प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एनजीटी के दिशा-निर्देशों के तहत सभी वैध भट्टों को जिग-जैग तकनीक, ऊंची चिमनियां और कम प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग अनिवार्य किया गया। समितियों ने सत्यापन के दौरान 80 प्रतिशत भट्टों को एनजीटी अनुपालन प्रमाणित किया गया, जबकि बाकी को सुधार के लिए समय दिया गया है।
वायु प्रदूषण के मामले में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा के साथ राज्य के दिल्ली एनसीआर के जिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। ईंट भट्टों के सत्यापन के लिए बनाई गईं जनपद स्तरीय समितियों के सफल संचालन से न केवल प्रदेश को आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
Edited By : Chetan Gour
ये भी पढ़ें
विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई : योगी आदित्यनाथ