अर्नब गोस्वामी को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

पुनः संशोधित सोमवार, 9 नवंबर 2020 (16:36 IST)
मुंबई। रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने अर्नब को जमानत के लिए निचली अदालत में जाने को कहा है।

अर्नब ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में अर्नब को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रायगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

दूसरी ओर, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गोस्वामी की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर अपनी चिंता प्रकट करने के लिए राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख से फोन पर बात की।
राज्यपाल कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार कोश्यारी ने गृहमंत्री से गोस्वामी के परिवार को उनसे मिलने एवं बातें करने की अनुमति देने को भी कहा है।

बयान के मुताबिक जिस तरीके से गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया, उसे लेकर राज्यपाल ने देशमुख के सामने पहले भी अपनी चिंता रखी थी।

गोस्वामी और दो अन्य- फिरोज शेख और नीतीश सारदा को आर्किटेक्ट अन्वय नाईक एवं उनकी मां को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले के संबंध में 4 नवंबर को रायगढ़ जिले की अलीबाग पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
इन दोनों मां-बेटे ने आरोपियों की कंपनियों द्वारा कथित रूप से भुगतान नहीं किए जाने को लेकर 2018 में आत्महत्या कर ली थी।
अर्नब को न्यायिक हिरासत में कथित रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाए जाने पर रविवार को रायगढ़ की तलोजा जेल ले जाया गया था।
सत्र न्यायालय में याचिका : इसके साथ ही गोस्वामी ने रायगढ़ जिले की अलीबाग सत्र अदालत में सोमवार को जमानत याचिका दायर की। सत्र अदालत फिलहाल मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले की समीक्षा याचिका पर भी सुनवाई कर रही है।
याचिका में अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी और मामले के दो अन्य आरोपियों को पुलिस हिरासत में नहीं भेजने और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को चुनौती दी है।




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