अमेरिका में क्‍यों लग रहे ‘कांग्रेस-शि‍वसेना’ मुर्दाबाद के नारे?

arnab and uddhav thakrey
नवीन रांगियाल|
एंटोनिया मायनो मुर्दाबाद, एनसीपी मुर्दाबाद, कांग्रेस मुर्दाबाद, शि‍वसेना मुर्दाबाद, शरद पवार मुर्दाबाद। यह नारे भारत में नहीं, बल्‍क‍ि अमेरिका में लग रहे हैं।
लेकि‍न क्‍यों। भारत में समझ में आता है लेकिन अमेरिका में ऐसा क्‍यों हो रहा है। दरअसल, यह अभि‍यान और विरोध प्रदर्शन रिपब्‍ल‍िक भारत के एडि‍टर इन चीफ अर्नब गोस्‍वामी की मुंबई पुलिस की गिरफ्तारी को लेकर हो रहा है।
arnab goswami

दरअसल, महाराष्‍ट्र में साल 2018 में अर्नब और दो अन्‍य आरोपियों पर आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। बाद में सबूत नहीं मिलने की वजह से यह प्रकरण बंद हो गया था, लेकिन दो साल बाद मुंबई पुलिस द्वारा एक बार फि‍र अर्नब गोस्‍वामी को गि‍रफ्तार करना महाराष्‍ट्र सरकार की बदले की कार्रवाई बताई जा रही है।

अर्नब के समर्थन में देश में कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे
हैं। इसी बीच सोशल मीडि‍या पर अमेरिका के कैलिफोर्निया का यह वीडि‍यो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ यंगस्‍टर्स कांग्रेस, एनसीपी, शि‍वसेना और सोनिया गांधी के खि‍लाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

डीडी न्यूज़ के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, अमेरिका के कैलिफोर्निया में अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी का विरोध प्रदर्शन।

वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शन करने वाले सभी लोग अपने हाथों में पोस्टर-तख्ती ले रहे हैं, जिसमें अर्नब के समर्थन में कुछ न कुछ लिखा हुआ है, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सोनिया गांधी, शरद पवार और शिवसेना के खिलाफ नारेबाजी की, साथ ही कांग्रेस, शिवसेना, शरद पवार और एंटोनियों माइनों मुर्दाबाद के भी नारे लगाए।

आपको बता दें कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के संपादक को गिरफ्तार करने के बाद मुंबई पुलिस उन्हें अलीबाग कोर्ट में पेश करने ले गई। पुलिस ने अदालत से अर्नब की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने पुलिस की मांग को खारिज करते हुए अर्नब को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, अर्नब की गिरफ़्तारी के बाद महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने एसपी रायगढ़ को नोटिस भेजकर पेश होने को कहा है।

अर्नब को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई पुलिस की रायगढ़ पुलिस गई थी, जिस तरह मुंबई पुलिस ने अर्नब के साथ आतंकी जैसा सलूक किया उससे मानवाधिकार आयोग भी खासा नाराज है, इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन माना है। महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक को नोटिस भेजकर पेश होने का आदेश दिया है।



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