बिरलाजी की जगह इन्हें बिठाइए, दिग्विजय सिंह ने चली सियासी चाल, जगदंबिका पाल बोले- आप यहां भी राजनीति कर गए!
राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी के समीकरण बदलते रहते हैं, लेकिन पुराने साथियों का 'याराना' कम नहीं होता। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल आमने-सामने थे।
"ओम बिरला से अच्छे स्पीकर हैं आप!"
बातचीत की शुरुआत दिग्विजय सिंह के चिरपरिचित अंदाज़ में हुई। उन्होंने जगदंबिका पाल के संचालन की तारीफ करते हुए एक गुगली डाल दी। दिग्विजय बोले, "आपने बहुत अच्छा कंडक्ट किया, आप तो ओम बिरला से भी अच्छे स्पीकर हैं! बिरला जी को अब छोड़ देना चाहिए और आपकी जगह जगदंबिका पाल को बैठाना चाहिए।" दिग्विजय सिंह के इस तंज और तारीफ के मिश्रण पर सदन में ठहाके गूंज उठे।
"यही तो राजनीति कर गए आप..."
जगदंबिका पाल भी पुराने खिलाड़ी हैं, वे तुरंत समझ गए कि दिग्विजय सिंह चुटकी ले रहे हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "दिग्विजय सिंह जी, आप यहाँ भी राजनीति कर गए!" इस पर दिग्विजय सिंह ने बड़े भाई वाला हक जताते हुए कहा, "मैं आपसे राजनीति नहीं करूँगा, आप मेरे भाई हैं। हम साथ रहे हैं, राजनीति में थोड़ा आगे-पीछे (पार्टी बदलना) तो होता रहता है।"
जगदंबिका पाल ने बताया 'शंकर', दिग्विजय ने पढ़ा 'कबीरा'
इस दिलचस्प संवाद में मोड़ तब आया जब जगदंबिका पाल ने दिग्विजय सिंह की तुलना भगवान शिव से कर दी। उन्होंने कहा, "आप तो 'शंकर' हैं, आप सारा विष पी लेते हैं!" सियासत के इस 'विष और अमृत' वाले कमेंट पर दिग्विजय सिंह ने कबीर के दोहे से अपनी बात खत्म की:
"कबीरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर,
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर!"
पुरानी यादें और बदला हुआ पाला
आपको बता दें कि ये दोनों ही नेता कभी कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हुआ करते थे। दोनों ही अपने-अपने राज्यों (मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश) के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। आज भले ही जगदंबिका पाल भाजपा के पाले में हैं और दिग्विजय सिंह कांग्रेस के योद्धा बने हुए हैं, लेकिन इनके बीच का यह संवाद बताता है कि विचारधारा की लड़ाई अपनी जगह है और व्यक्तिगत सम्मान अपनी जगह। Edited by : Sudhir Sharma