ganesh chaturthi

Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन?

Updated: बुधवार, 8 जुलाई 2026 (12:10 IST)
Ashadha Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या हिंदू धर्म में आषाढ़ मास की एक अत्यंत पवित्र अमावस्या मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र स्नान, दान, जप-तप, पितृ तर्पण और भगवान शिव-विष्णु की पूजा करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कई स्थानों पर इसे खेती, प्रकृति और पितृ आराधना से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है।ALSO READ: आज से भद्र राजयोग शुरू, 5 राशियों के लिए कर्म और भाग्य के फल मिलने का खुलेगा ताला
 
हलहारिणी अमावस्या के धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन किए गए पुण्य कर्म अनेक गुना फलदायी होते हैं। पितरों की कृपा प्राप्त करने, नकारात्मकता दूर करने, मानसिक शांति पाने और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह तिथि अत्यंत शुभ मानी जाती है। तंत्र और शक्ति साधना के लिए भी इस अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है।
 

आइए यहां जानते हैं कब है यह अमावस्या, और इस दिन कौन-कौनसे कार्य करें...

 

इस दिन क्या करते हैं?

हलहारिणी अमावस्या के दिन मुख्य रूप से निम्नलिखित धार्मिक और पारंपरिक कार्य किए जाते हैं:
 

1. पवित्र नदी में स्नान और दान

इस दिन सुबह जल्दी, यदि संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी, सरोवर या गंगाजी में स्नान करने का बहुत महत्व है। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। स्नान के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न, वस्त्र, तिल या जल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
 

2. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा

इस अवसर पर स्नानादि से निवृत्त होकर घर के मंदिर में दीपक जलाएं और भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। इस दिन घी का दीपक जलाकर आरती करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
 

3. पितृ तर्पण और श्राद्ध

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों/ पूर्वजों को समर्पित होती है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करते हैं तथा घर की दक्षिण दिशा में या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
 

4. कृषि यंत्रों और हल की पूजा

यह त्योहार विशेष रूप से किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिन किसान खेती में इस्तेमाल होने वाले अपने मुख्य उपकरण 'हल' और अन्य कृषि यंत्रों को साफ करके उनकी विधि-विधान से पूजा करते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से सालभर फसल अच्छी होती है और अन्न के भंडार भरे रहते हैं।
 
एक छोटा सा नियम: इस दिन प्याज, लहसुन या मांसाहार तथा किसी भी तरह के तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए और पूरी तरह सात्विकता बनाए रखनी चाहिए।
 

हलहारिणी अमावस्या- FAQs

 
1. हलहारिणी अमावस्या 2026 कब है?
वर्ष 2026 में हलहारिणी अमावस्या 14 जुलाई, मंगलवार को मनाई जाएगी।
 
2. हलहारिणी अमावस्या पर क्या करना चाहिए?
प्रातः स्नान करें, भगवान शिव और विष्णु की पूजा करें, पितरों का तर्पण करें, पीपल की पूजा करें तथा अन्न, वस्त्र और तिल आदि का दान करें।
 
3. हलहारिणी अमावस्या का क्या महत्व है?
इस दिन स्नान, दान, पितृ तर्पण, जप और पूजा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होने तथा जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

4. क्या हलहारिणी अमावस्या पर पितृ तर्पण किया जाता है?
हां, इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
 
5. हलहारिणी अमावस्या पर क्या नहीं करना चाहिए?
क्रोध, विवाद, तामसिक भोजन, नशा और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। साथ ही इस दिन धार्मिक कार्यों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।  .... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

11 सितंबर 1893: जब भारत के शाश्वत दर्शन ने विश्व को गुंजायमान किया

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 11 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

2027 की भविष्यवाणी: सत्ता परिवर्तन से सोने-चांदी के भाव तक, जानें कैसा रहेगा नया साल

बुध का हस्त नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर पड़ेगा असर, जानें किसे मिलेगा धन-करियर का लाभ

गणेशोत्सव 10 दिनों का ही क्यों? जानिए बप्पा के आतिथ्य और महाभारत से जुड़ी यह रोचक गाथा

अगला लेख