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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की दसवीं महाविद्या मां कमला, जानिए पूजा विधि

A photograph of the worship of Goddess Kamala on the tenth day of Gupt Navratri, performed to attain positive energy and success in life
Goddess Kamala Worship 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पर्व शक्ति उपासना, तंत्र साधना और दस महाविद्याओं की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है तथा आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के दसवें और अंतिम दिन दस महाविद्याओं की अंतिम शक्ति मां कमला की साधना की जाती है। ये पूर्णतः धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य, सौंदर्य और समृद्धि की देवी हैं। भगवान विष्णु की शक्ति होने के कारण इनका स्वरूप अत्यंत सौम्य, शांत और वरदायक है। गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन इनकी पूजा करने से जीवन से हर प्रकार की दरिद्रता, आर्थिक संकट और मानसिक अशांति का नाश होता है।ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नौवीं देवी मां मातंगी, जानिए पूजा विधि
 

आइए यहां जानते हैं 10वीं महाविद्या देवी कमला के पूजन और सावधानियों के बारे में खास जानकारी...

 

मां कमला पूजा विधि

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मां कमला लक्ष्मी जी का ही स्वरूप हैं, इसलिए इनकी पूजा में समृद्धि और पवित्रता के प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। गुप्त नवरात्रि की अन्य उग्र देवियों से अलग, मां कमला की पूजा सूर्यास्त के ठीक बाद यानी प्रदोष काल या देर रात में करना बेहद शुभ होता है। मां कमला की पूजा करते समय गुलाबी, लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मां कमला की पूजा के लिए उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। 
 
पूजन हेतु एक चौकी पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाकर मां कमला या कमल पर विराजमान लक्ष्मी जी का चित्र या यंत्र स्थापित करें। फिर मां को कमल का फूल, लाल गुलाब, मखाने, खीर, पंचामृत, और हल्दी की गांठें अर्पित करें। मां के सम्मुख गाय के शुद्ध घी का बड़ा दीपक जलाएं। संभव हो तो एक छोटा दीपक इत्र मिलाकर भी जला सकते हैं। 
 
पूजन के पश्चात कमलगट्टे की माला या स्फटिक की माला से मां कमला के मंत्र- 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:' या 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलायै नमः'का जाप करें तथा श्रीसूक्त या लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें।ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी?
 

मां कमला पूजन की विशेष सावधानियां

मां कमला अत्यंत दयालु और सौम्य हैं, फिर भी गुप्त नवरात्रि के समापन पर इनकी पूजा में इन बातों का ध्यान रखें:
 
घर में स्वच्छता और शांति: मां कमला वहीं निवास करती हैं जहां स्वच्छता और शांति हो। पूजा के दिन घर में किसी भी प्रकार का कलह, क्लेश या विवाद न होने दें।
 
नकारात्मकता का त्याग: मन में किसी के प्रति लालच, ईर्ष्या या बेईमानी का भाव रखकर इनकी पूजा न करें। दानशीलता और उदारता का भाव रखें।
 
साधना की पूर्णता और पूर्णाहुति: चूंकि यह गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन होता है, इसलिए मां कमला की पूजा के बाद अपनी नौ दिनों की साधना की पूर्णता के लिए कपूर से आरती करें और यदि संभव हो तो हवन अवश्य करें।
 
कुमारी कन्या और ब्राह्मण भोज: साधना की पूर्ण सफलता के लिए नवमी या दशमी तिथि को कन्याओं को भोजन कराएं, उन्हें खीर का भोग दें और कुछ उपहार या दक्षिणा देकर विदा करें।
 
क्षमा प्रार्थना: सबसे अंत में हाथ जोड़कर दसों महाविद्याओं और मां कमला से नौ दिनों की पूजा में अनजाने में हुई किसी भी भूलचूक के लिए क्षमा याचना करें।
 
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 A scene showing the worship of Goddess Kamala on the tenth day of the Ashadh Gupt Navratri
लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।  .... और पढ़ें
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