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Last Updated :नई दिल्ली/भुवनेश्वर , रविवार, 10 दिसंबर 2023 (00:42 IST)

ओडिशा में जब्त राशि के 290 करोड़ होने की संभावना, अब तक की सबसे अधिक जब्त नकदी

ओडिशा में जब्त राशि के 290 करोड़ होने की संभावना, अब तक की सबसे अधिक जब्त नकदी - The amount seized in Odisha is likely to be Rs 290 crore
Income Tax Department raid : ओडिशा स्थित शराब बनाने वाली कंपनी के एक समूह और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी के बाद मिली बेहिसाब नकदी के 290 करोड़ रुपए होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह एजेंसी के किसी एक अभियान में अब तक बरामद हुआ सबसे अधिक कालाधन है।
 
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ छापे के बाद छह दिसंबर को शुरू हुई कार्रवाई के बाद आयकर विभाग ने नोटों की गिनती के लिए लगभग 40 बड़ी एवं छोटी मशीनें तैनात की हैं और गिनती की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विभाग और बैंक के और कर्मचारियों को लाया गया है।
 
इसके अलावा, जब्त की गई नकदी को राज्य के सरकारी बैंकों तक पहुंचाने के लिए विभाग ने और वाहनों की मांग की है। सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई के तहत कांग्रेस नेता एवं झारखंड से राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू से जुड़े परिसर पर भी छापा मारा गया है।
 
जब आयकर विभाग की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया के लिए साहू के फोन पर फोन किया तो साहू के स्टाफ ने सांसद से टिप्पणी पाने में असमर्थता जताई। इस संबंध में पीटीआई ने शराब बनाने वाली कंपनियों के समूह को एक ई-मेल भी भेजा, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कर अधिकारी अब कंपनी के विभिन्न अधिकारियों और इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों के बयान दर्ज कर रहे हैं। कुल जब्त की गई बेहिसाब नकद राशि करीब 290 करोड़ रुपए होने की संभावना है।

अधिकतर नोट 500 रुपए के : उन्होंने बताया कि अब तक 250 करोड़ रुपए से अधिक नकदी जब्त की जा चुकी है और ओडिशा में सरकारी बैंक शाखाओं में नकदी लगातार जमा की जा रही है। उन्होंने बताया कि अधिकतर नोट 500 रुपए के हैं। सूत्रों ने बताया कि यह किसी एक समूह और उससे जुड़ी इकाइयों के खिलाफ किसी एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई के साथ जब्त की गई अब तक की सबसे अधिक नकद राशि है।
 
अतीत में हुई कुछ बड़ी जब्ती में 2019 की एक घटना शामिल है जब जीएसटी इंटेलिजेंस ने कानपुर स्थित एक व्यवसायी के खिलाफ छापेमारी की थी और 257 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की थी। साथ ही एक अन्य घटना में आयकर विभाग ने जुलाई 2018 में तमिलनाडु में एक सड़क निर्माण कंपनी के खिलाफ छापे के दौरान 163 करोड़ रुपए की नकदी का पता लगाया था।
 
10 अलमारियों से 230 करोड़ रुपए नकद जब्त : उन्होंने बताया कि बोलांगीर जिले में कंपनी के परिसरों में रखी लगभग 10 अलमारियों से 230 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए हैं, जबकि बाकी रकम टिटलागढ़, संबलपुर और रांची के परिसरों से जब्त की गई। सूत्रों ने बताया कि नकदी रखने के लिए करीब 200 छोटे-बड़े बैग का इस्तेमाल किया गया।
 
प्रधानमंत्री मोदी बोले- जनता की पाई-पाई लौटानी पड़ेगी : कर अधिकारियों को शराब वितरकों, विक्रेताओं और व्यापारिक समूहों द्वारा भारी मात्रा में अवैध बिक्री किए जाने और नकदी भेजे जाने की कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी मिलने के बाद छापेमारी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर छापेमारी संबंधी खबर साझा करते हुए लिखा था, देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इनके नेताओं के ईमानदारी के 'भाषणों' को सुनें, जनता से जो लूटा है, उसकी पाई-पाई लौटानी पड़ेगी, यह मोदी की गारंटी है।
 
ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल ने एक बयान जारी कर इन छापों का स्वागत किया। उसने कहा, झारखंड में भाजपा नेता कह रहे हैं कि जब्त किया गया धन कांग्रेस नेताओं का है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि यह भाजपा नेताओं का है। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
 
ऐसा लगता है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने इस व्यवसायी के पास अपना पैसा छिपा रखा था। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शराब व्यापारियों से जब्त की गई बेनामी संपत्ति के स्रोत का खुलासा किए जाने की बात कही।(भाषा)
Edited By : Chetan Gour 
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