पीएम मोदी बोले, आसियान की एकता भारत के लिए प्राथमिकता

पुनः संशोधित गुरुवार, 28 अक्टूबर 2021 (15:36 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन को संबोधित करते हुए कहा कि आसियान की एकता और केन्द्रीयता के लिए हमेशा से प्राथमिकता रही है।

पीएम मोदी ने डिजिटल माध्यम से आयोजित भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में कहा कि भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल और हिंद प्रशांत के लिए आसियान का दृष्टिकोण इस क्षेत्र में उनके साझे नजरिए एवं आपसी सहयोग की रूपरेखा हैं।

उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत और आसियान के बीच हजारों साल से जीवंत संबंध रहे हैं और इनकी झलक हमारे साझा मूल्यों, परम्पराओं, भाषाओं, ग्रन्थों, वास्तुकला, संस्कृति, खान-पान से लेकर हर जगह दिखती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आसियान की एकता और केंद्रीयता भारत के लिए सदैव एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता रही है। आसियान की यह विशेष भूमिका, भारत की एक्ट ईस्ट नीति का हिस्सा है जो ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास) नीति में निहित है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हिंद-प्रशांत समुद्री पहल और आसियान का हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण इस क्षेत्र में ‘‘हमारे साझा दृष्टिकोण और आपसी सहयोग’’ का ढांचा है।
उन्होंने कहा कि 2022 में भारत और आसियान की साझेदारी को 30 वर्ष पूरे हो जाएंगे और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को ‘आसियान-भारत मित्रता वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के बीच आपसी सहयोग भारत और आसियान के संबंधों को भविष्य में मजबूत करता रहेगा।

मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण हम सभी को अनेक चुनौतियों से जूझना पड़ा। लेकिन यह चुनौतीपूर्ण समय भारत-आसियान मित्रता की कसौटी भी रहा। कोविड के काल में हमारा आपसी सहयोग, आपसी संवेदना, भविष्य में हमारे संबंधों को बल देते रहेंगे, हमारे लोगों के बीच सद्भावना का आधार रहेंगे।



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