जॉर्ज सोरोस का तीर कांग्रेस ने अब भाजपा पर छोड़ा, क्या है BJP का सोरोस कनेक्शन
BJPs connection with George Soros: कांग्रेस ने अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस से जुड़े आरोपों को लेकर मंगलवार को भाजपा पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि सोरोस द्वारा वित्त पोषित फंड चलाने वाले कई लोगों के साथ भाजपा की साठगांठ है। कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने यह सवाल भी किया कि जॉर्ज सोरोस अगर देश विरोधी गतिविधियां कर संचालित कर रहा है तो उसका धंधा-पानी हिंदुस्तान में क्यों चल रहा है?
मुख्य विपक्षी दल की नेता ने जिन उद्यमियों के नामों का उल्लेख किया उनकी तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का संबंध जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन द्वारा वित्तपोषित एक संगठन से है, जिसने कश्मीर के एक स्वतंत्र राष्ट्र के विचार का समर्थन किया है।
जॉर्ज सोरोस 1999 में हिंदुस्तान आए, अटल बिहारी वाजपेयी जी देश के प्रधानमंत्री थे, तब वे स्कॉलरशिप और फेलोशिप जैसी चीजें दिया करते थे
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) December 10, 2024
• 2014 से जॉर्ज सोरोस ने ग्रांट प्रोग्राम शुरू किया. जॉर्ज सोरोस की Open Society के Soros Economic Development Fund (SEDF) के दो बड़े इंवेस्टमेंट… pic.twitter.com/fUNvmwcrhU
अटलजी के शासन में भारत आया था सोरोस : सुप्रिया ने कहा कि जॉर्ज सोरोस का 1999 में हिंदुस्तान आना हुआ। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी जी देश के प्रधानमंत्री थे। उस समय सोरोस छात्रवृत्ति और फैलोशिप जैसी चीजें दिया करते थे। 2014 से जॉर्ज सोरोस ने अनुदान कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसायटी के सोरोस इकॉनोमिक डेवलेपमेंट फंड (एसईडीएफ) के दो बड़े निवेश हैं जिनमें से एक अस्पाडा है। अस्पाडा ने करीब 9 करोड़ डॉलर छोटे उद्योगों, किसानों और स्टार्टअप में निवेश किए हैं। ALSO READ: मोदी-अडानी की काट बनेगा राहुल-जॉर्ज सोरोस का मुद्दा, भाजपा ने सोनिया गांधी को भी घेरा?
सुप्रिया ने दावा किया कि अस्पाडा ने दो कंपनियों नियो ग्रोथ और कैपिटल फ्लोट में बड़ा निवेश किया। कैपिटल फ्लोट के संस्थापक गौरव हिंदुजा और शशांक ऋष्यशृंगा ने करीब 30 करोड़ डॉलर की फंडिंग 40 हजार छोटे उद्योगों, किसानों और स्टार्टअप में की है। उन्होंने कहा कि ये दोनों व्यक्ति गौरव हिंदुजा और शशांक ऋष्यशृंगा, नरेन्द्र मोदी जी के प्रबल समर्थक हैं, जो उनके साथ मंच साझा करते रहते हैं।
जॉर्ज सोरोस के करीबी मोदी के भी करीबी : सुप्रिया ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के करीबी ये दोनों व्यक्ति जॉर्ज सोरोस के पैसे से पोषित फंड चलाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर जॉर्ज सोरोस देश विरोधी काम कर रहा है तो नरेन्द्र मोदी ऐसे व्यक्तियों के साथ मंच साझा क्यों कर रहे हैं? सुप्रिया ने दावा किया कि भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के गवर्नर रहे वीरेन शाह की पोती प्रिया शाह की शादी शशांक ऋष्यशृंगा के साथ हुई है तथा इस शादी में भाजपा के बड़े नेता लालकृष्ण आडवाणी और देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए थे।
जॉर्ज सोरोस 1999 में हिंदुस्तान आए, अटल बिहारी वाजपेयी जी देश के प्रधानमंत्री थे, तब वे स्कॉलरशिप और फेलोशिप जैसी चीजें दिया करते थे
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) December 10, 2024
• 2014 से जॉर्ज सोरोस ने ग्रांट प्रोग्राम शुरू किया. जॉर्ज सोरोस की Open Society के Soros Economic Development Fund (SEDF) के दो बड़े इंवेस्टमेंट… pic.twitter.com/fUNvmwcrhU
क्या सरकार इन पर करेगी कार्रवाई : उन्होंने कहा कि शशांक ऋष्यशृंगा वही व्यक्ति हैं, जो जॉर्ज सोरोस द्वारा पोषित एक फंड कैपिटल फ्लोट चलाते हैं, जिसे अब एक्सियो के नाम से जाना जाता है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जॉर्ज सोरोस द्वारा पोषित एक फंड चलाने वाले लोगों के खिलाफ भाजपा सरकार क्या कार्रवाई करेगी? जॉर्ज सोरोस द्वारा पोषित एक फंड चलाने वालों से भाजपा क्यों रिश्ता रखती है? अगर जॉर्ज सोरोस देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं तो संयुक्त राष्ट्र लोकतंत्र कोष में नरेन्द्र मोदी की सरकार योगदान क्यों करती है? ALSO READ: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, सदन नहीं चलने दे रही सरकार
उन्होंने कहा कि जॉर्ज सोरोस अगर देश विरोधी गतिविधियां कर रहा है तो उसका धंधा-पानी हिंदुस्तान में क्यों चल रहा है? सुप्रिया ने सवाल किया कि जॉर्ज सोरोस के प्रत्यर्पण के लिए सरकार ने अभी तक चिट्ठी क्यों नहीं लिखी? जॉर्ज सोरोस के द्वारा पोषित फंड चलाने वाले लोगों से भाजपा की साठगांठ क्यों है? जॉर्ज सोरोस के द्वारा पोषित फंड चलाने वाले लोगों से भाजपा नेताओं के परिवार वालों की शादी क्यों हो रही है? जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित लोगों के साथ नरेन्द्र मोदी मंच क्यों साझा करते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि जॉर्ज सोरोस के द्वारा पोषित फंड क्यों बंद नहीं किए जा रहे हैं? (एजेंसी/वेबदुनिया)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

