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साक्षी मलिक के आंसुओं पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस का सवाल- क्यों चुप है मोदी सरकार?

sakshi malik
नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ओलंपिक विजेता पहलवान साक्षी मलिक की आंखों में आंसू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की देन है। पार्टी ने इस मामले में मोदी सरकार से कुछ सवालों का जवाब भी मांगा है।
 
वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पहलवान बेटियों के यौन शोषण के आरोपी BJP सांसद बृजभूषण सिंह के असिस्टेंट संजय सिंह के चुनाव जीतने के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान साक्षी मलिक का संन्यास लेना भारत के खेल इतिहास में एक काला अध्याय है।
 
किसान की पहलवान बेटी की आंख से निकला हर आंसू मोदी सरकार की बेशर्मी का प्रमाण है। BJP का नारा है- 'बेटी रुलाओ, बेटी सताओ और बेटियों को घर बिठाओ'।

कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि कहा, ये आंसू मोदी सरकार की देन हैं। देश की बेटी साक्षी मलिक न्याय मांग रही थी। सरकार के तमाम लोगों से मिली, धरना दिया, लाठियां खाईं और आज इतना मज़बूर हो गई कि सन्यास ले लिया। दुर्भाग्य की बात है... देश-विदेश में अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाली देश की बेटी आज कह रही है- मैं हार गई।
 
उन्होंने कहा कि देश की बेटियों के मोदी सरकार से सवाल किया कि मोदी सरकार चुप क्यों है? देश की संसद किसान की पहलवान बेटियों के अपमान पर चुप क्यों है? देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा-राज्यसभा के सभापति, खेल जगत की नामी-गिरामी हस्तियां चुप क्यों हैं? तो क्या मान लिया जाए कि अब दबदबा, डर, भय और अन्याय ही न्यू इंडिया का नॉर्मल है।

इससे पहले कांग्रेस ने अपने आधिकारिक हैंडल के जरिये ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ये आंसू मोदी सरकार की देन हैं। देश की बेटी साक्षी मलिक न्याय मांग रही थी। सरकार के तमाम लोगों से मिली, धरना दिया, लाठियां खाईं और आज इतना मज़बूर हो गई कि सन्यास ले लिया। दुर्भाग्य की बात है... देश-विदेश में अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाली देश की बेटी आज कह रही है- मैं हार गई।
 
उल्लेखनीय है कि आंखों में आंसू लिये रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने गुरुवार को यहां बृज भूषण शरण सिंह के विश्वासपात्र संजय सिंह की भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत का विरोध करते हुए अपने कुश्ती के जूते टेबल पर रखे और कुश्ती से संन्यास लेने की घोषणा की।
Edited by : Nrapendra Gupta 
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