TMC के खेल मंत्री और पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने खोली ममता की पोल, बताया टिकट का रेट
भारत के 40 वर्षीय पूर्व बल्लेबाज और बंगाल क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी (10,195 प्रथम श्रेणी रन) मनोज तिवारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में खेल राज्य मंत्री थे। लेकिन विश्वसनीय चेहरा होने के बाद भी उन्हें इस बार तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव में नहीं उतारा।यही कारण है कि उन्होंने नाराज होकर इस्तीफा दे दिया है। अब वह वापस क्रिकेट के मैदान पर जाएंगे या राजनीति में यह उन्हें निर्णय लेना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें हावड़ा की शिबपुर सीट से टिकट देने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि उन्होंने पांच करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया था।तिवारी ने कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था, भले ही 2019 में तृणमूल ने उन्हें लोकसभा का टिकट देने की पेशकश की थी। आखिरकार 2021 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने शिबपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
उन्होंने कहा, उस समय मैं आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहा था और रणजी ट्रॉफी में खेलने को लेकर गंभीर था जब दीदी (ममता) चाहती थीं कि मैं लोकसभा चुनाव लड़ूं।तिवारी ने कहा, मैंने विनम्रता से मना कर दिया था लेकिन 2021 के चुनावों से पहले दीदी ने एक बार फिर मुझे बुलाया और कहा, मनोज मेरे पास तुम्हारे लिए एक संदेश है और अरूप तुम्हें वह संदेश देगा। मुझे शिबपुर से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया और मैंने सोचा कि मैं कुछ सार्थक बदलाव ला सकता हूं।
तिवारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है।उन्होंने कहा, मैंने ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया है जहां तृणमूल के सभी मंत्रियों को बुलाया जाता था। मुझे राज्य मंत्री के नाम पर बस एक लॉलीपॉप थमा दिया गया था, जिसका असल में कोई मतलब ही नहीं था। अगर मैं खड़ा होकर कहता, दीदी, मैं आपका ध्यान एक खास समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं। तो वह बीच में ही हमें रोक देतीं और कहतीं, मेरे पास तुम लोगों के लिए समय नहीं है।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में जन्मे तिवारी ने रणजी ट्रॉफी के 2006-07 सीज़न में 99.50 की औसत से 796 रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। चोट के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरने के लिये लंबा इंतजार करना पड़ा। तिवारी ने तीन फरवरी 2008 को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ब्रिसबेन वनडे में अंततः भारतीय जर्सी पहनी।मनोज ने भारत के लिये 12 एकदिवसीय मैचों में 287 रन बनाये जहां उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 104 रन रहा। टी20 प्रारूप में वह सिर्फ तीन बार ही भारत का प्रतिनिधित्व कर सके।
पश्चिम बंगाल के पूर्व कप्तान तिवारी ने अपना प्रथम श्रेणी करियर 2004 में ईडन गार्डन में शुरू करने के बाद 2023 में कोलकाता के उसी मैदान पर समाप्त किया था।
तिवारी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ 2012 में खिताब जीतने के अलावा राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और पंजाब किंग्स का भी प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने कुल मिलाकर 183 टी20 मैचों में 3436 रन बनाये, जिसमें 15 अर्द्धशतक शामिल रहे थे।
उन्होंने कहा, उस समय मैं आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहा था और रणजी ट्रॉफी में खेलने को लेकर गंभीर था जब दीदी (ममता) चाहती थीं कि मैं लोकसभा चुनाव लड़ूं।तिवारी ने कहा, मैंने विनम्रता से मना कर दिया था लेकिन 2021 के चुनावों से पहले दीदी ने एक बार फिर मुझे बुलाया और कहा, मनोज मेरे पास तुम्हारे लिए एक संदेश है और अरूप तुम्हें वह संदेश देगा। मुझे शिबपुर से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया और मैंने सोचा कि मैं कुछ सार्थक बदलाव ला सकता हूं।
तिवारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है।उन्होंने कहा, मैंने ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया है जहां तृणमूल के सभी मंत्रियों को बुलाया जाता था। मुझे राज्य मंत्री के नाम पर बस एक लॉलीपॉप थमा दिया गया था, जिसका असल में कोई मतलब ही नहीं था। अगर मैं खड़ा होकर कहता, दीदी, मैं आपका ध्यान एक खास समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं। तो वह बीच में ही हमें रोक देतीं और कहतीं, मेरे पास तुम लोगों के लिए समय नहीं है।
ऐसा रहा है करियरHUGE! TMC minister Manoj Tiwari announces to QUIT the party
— The Analyzer (News Updates) (@Indian_Analyzer) May 5, 2026
— Back to Cricketing field or joining BJP next?
He exposes massive corruption: "At least 70-72 candidates paid around ₹5 CRORE each for tickets. I was asked too, but I refused."
Blames Mamata directly: "The… pic.twitter.com/K9ww2z5P8f
पश्चिम बंगाल के पूर्व कप्तान तिवारी ने अपना प्रथम श्रेणी करियर 2004 में ईडन गार्डन में शुरू करने के बाद 2023 में कोलकाता के उसी मैदान पर समाप्त किया था।
तिवारी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ 2012 में खिताब जीतने के अलावा राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और पंजाब किंग्स का भी प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने कुल मिलाकर 183 टी20 मैचों में 3436 रन बनाये, जिसमें 15 अर्द्धशतक शामिल रहे थे।

