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गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?
गौतम गंभीर जबसे टीम इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर -
सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच
गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।
इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।
हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।
3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।
एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।
भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी
पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।
इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।
इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।
सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच
गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।
इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।
हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।#OnThisDay in 2024
— (@Shebas_10dulkar) July 9, 2026
Appointed As The Head Coach of The Indian Cricket Team and the Rest is History...
He is Only Indian Coach with Two ICC Trophies pic.twitter.com/vmOOckfVaW
3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।
एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।
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पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।
इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।
इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।
