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Budhwa Mangal 2026: 8 बड़े मंगल का अद्भुत संयोग! आज पहला 'बुढ़वा मंगल': भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

Updated: मंगलवार, 5 मई 2026 (10:14 IST)
Jyeshtha Mangal 2026: भारतीय पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में मंगल का ग्रह अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। मंगल केवल युद्ध और शक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता का भी प्रतिनिधित्व करता है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाला मंगल विशेष रूप से ज्येष्ठ मंगल या बड़ा मंगल कहा जाता है। यह दिन समाज और व्यक्तिगत जीवन में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने, शत्रुओं पर विजय पाने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।ALSO READ: Bada Mangal 2026: क्या आप जानते हैं ज्येष्ठ मंगल को 'बड़ा मंगल' क्यों कहते हैं? जानें सटीक पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
 
वर्ष 2026 में 2 मई से आस्था और शक्ति का संगम 'ज्येष्ठ मास' दस्तक दे चुका है। इस बार का ज्येष्ठ महीना भक्तों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि 5 मई से शुरू होकर 23 जून तक चलने वाले इस भक्ति के उत्सव में कुल 8 'बड़े मंगल' (बुढ़वा मंगल) का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
 
माना जाता है कि यही वह पावन महीना था जब त्रेतायुग में रामभक्त हनुमान की मुलाकात अपने प्रभु श्री राम से हुई थी। शायद इसीलिए, इन दिनों की गई पूजा सीधे बजरंगबली के हृदय तक पहुंचती है।
 

सावधान! इन 5 बातों का रखें खास ख्याल:

 
हनुमान जी की कृपा चाहिए, तो अपनी दिनचर्या में ये बदलाव जरूर करें:ALSO READ: Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां
 
तामसिक चीजों का त्याग: लहसुन, प्याज, नॉनवेज और शराब से दूरी बना लें। सात्विक रहें, सकारात्मक रहें।
 
लेन-देन से बचें: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बड़े मंगल के दिन न कर्ज दें और न ही लें। यह आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है।
 
रंगों का चुनाव: आज के दिन सफेद और काले रंग के कपड़ों को अलमारी में रहने दें। लाल या पीले वस्त्र धारण करना शुभता का प्रतीक है।
 
यात्रा का विचार: आज उत्तर दिशा में 'दिशाशूल' है। अगर निकलना जरूरी हो, तो गुड़ खाकर ही घर से बाहर कदम रखें।
 
व्यवहार में संयम: क्रोध और अपशब्दों पर लगाम लगाएं। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए मन को 'राम-नाम' में लगाएं।
 

जय बजरंगबली!

 
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