sundarkand

Bada Mangal 2026: क्यों लिया था बजरंगबली ने वृद्ध वानर का रूप? पढ़ें रोंगटे खड़े करने वाली 3 पौराणिक कथाएं

Updated: मंगलवार, 5 मई 2026 (09:36 IST)
Bada Mangal Ki Kathayen: हिन्दू पंचांग की गणना के अनुसार, ज्येष्ठ का महीना तपन और ऊर्जा का प्रतीक है। इसी महीने में आने वाले मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के रूप में मनाया जाता है। साल 2026 में आस्था का यह महापर्व 5 मई से शुरू हो गया है, जो कि 23 जून 2026 तक जारी रहेगा। यह दिन न केवल पवनपुत्र हनुमान की भक्ति का है, बल्कि यह अधर्म पर धर्म और अहंकार पर विनम्रता की विजय का भी संदेश देता है।ALSO READ: Jyeshtha month festivals 2026: ज्येष्ठ माह के व्रत एवं त्योहार की लिस्ट
 
1. प्रभु श्री राम और हनुमान जी का मिलन
2. जब भीम का अहंकार हुआ चूर-चूर (महाभारत काल)
3. रावण की लंका और हनुमान का विराट रूप (रामायण काल)
4. बड़ा मंगल पर कैसे करें पूजन?
 

क्यों खास है बड़ा मंगल? जानें इसके पीछे का गौरवशाली इतिहास

बड़ा मंगल मनाने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसके तार रामायण और महाभारत, दोनों ही युगों से गहराई से जुड़े हैं। आइए जानते हैं वे तीन मुख्य कारण, जो इस दिन को 'महा-मंगलवार' बनाते हैं:
 

1. प्रभु श्री राम और हनुमान जी का मिलन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्री राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे, तब उनकी भेंट पहली बार हनुमान जी से हुई थी। उस समय हनुमान जी ने एक ब्राह्मण (पुरोहित) का रूप धारण किया था। जिस दिन यह ऐतिहासिक मिलन हुआ, वह ज्येष्ठ मास का मंगलवार ही था। यही कारण है कि इस दिन हनुमान जी के साथ-साथ प्रभु श्री राम की उपासना का विशेष फल मिलता है।

 

2. जब भीम का अहंकार हुआ चूर-चूर (महाभारत काल)

महाभारत काल की एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, गदाधारी भीम को अपनी अपार शक्ति पर बहुत घमंड हो गया था। उनके इस अहंकार को नष्ट करने के लिए हनुमान जी ने एक वृद्ध और कमजोर वानर का रूप धारण किया और रास्ते में अपनी पूंछ फैलाकर लेट गए। भीम ने जब पूंछ हटाने की कोशिश की, तो वे अपनी पूरी शक्ति लगाने के बाद भी उसे टस-से-मस नहीं कर पाए। अपनी हार स्वीकार कर जब भीम ने क्षमा मांगी, तब बजरंगबली ने उन्हें दर्शन दिए। चूंकि हनुमान जी ने वृद्ध रूप धरा था, इसलिए इसे 'बुढ़वा मंगल' कहा जाने लगा।ALSO READ: ज्येष्ठ माह 60 दिनों का: इस दौरान 5 राशियों की किस्मत के तारे रहेंगे बुलंदी पर

 

3. रावण की लंका और हनुमान का विराट रूप (रामायण काल)

एक अन्य प्रसंग के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता का संदेश लेकर लंका पहुंचे, तो अभिमानी रावण ने उन्हें 'तुच्छ बंदर' कहकर अपमानित किया। रावण के इसी मद को चूर करने के लिए बजरंगबली ने एक वृद्ध वानर से सीधे विराट रूप धारण कर लिया और अपनी पूंछ से सोने की लंका को भस्म कर दिया। यह पराक्रम भी ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही घटित हुआ था।
 

4. बड़ा मंगल पर कैसे करें पूजन?

इस पावन अवसर पर भक्त सुबह जल्दी स्नान कर हनुमान जी को चोला चढ़ाते हैं। विशेष रूप से बेसन के लड्डू, बूंदी और चमेली के तेल का दीपक अर्पित किया जाता है। जगह-जगह भंडारों का आयोजन होता है और प्यासे राहगीरों को जल पिलाना इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है।
 
संक्षेप में कहा जाए तो बड़ा मंगल हमें सिखाता है कि शक्ति चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, वह विनम्रता और भक्ति के बिना अधूरी है। यदि आप भी जीवन के संकटों से मुक्ति चाहते हैं, तो 5 मई को पहले बड़े मंगल पर बजरंगबली की शरण में जाना न भूलें।
 
जय श्री राम! जय बजरंगबली!
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: May 2026 Vrat Tyohar: मई माह 2026 के व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट

लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Weekly Horoscope: 03 से 09 अगस्त 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि के खुलेंगे भाग्य

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 03 अगस्त से 9 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल

02 August Birthday: आपको 2 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (2 अगस्‍त, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 02 अगस्‍त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख