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Bada Mangal 2026: क्या आप जानते हैं ज्येष्ठ मंगल को 'बड़ा मंगल' क्यों कहते हैं? जानें सटीक पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

चित्र में हनुमान मंदिरों पर लहराती भगवा ध्वजाओं के साथ गदाधारी और शक्तिशाली बजरंगबली का फोटो
Shubh Muhurat for Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ मास के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहे जाने के पीछे बेहद रोचक और पौराणिक मान्यताएं छिपी हैं। लखनऊ और उत्तर भारत के क्षेत्रों में इसे एक बड़े उत्सव की तरह मनाया जाता है। बड़ा मंगल का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यधिक है। इस दिन की पूजा करने से व्यापार, स्वास्थ्य, विवाह और घर के सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। पूजा का सही समय और विधि ना केवल मंगल दोष को दूर करती है बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।ALSO READ: Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल के दिनों में करें ये 10 विशेष कार्य, मिलेगा रामदूत हनुमान जी का आशीर्वाद
 

आइए जानते हैं इसके पीछे का इतिहास, पूजा विधि और 2026 के विशेष मुहूर्त:

 

इसे 'बड़ा मंगल' क्यों कहते हैं? 

इसके पीछे मुख्य रूप से दो पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं:
 
हनुमान-राम मिलन: शास्त्रों के अनुसार, त्रेतायुग में ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही हनुमान जी की मुलाकात भगवान श्री राम से ऋष्यमूक पर्वत पर हुई थी। प्रभु से मिलन के कारण इस दिन का महत्व 'बड़ा' हो गया।
 
भीम का अहंकार मर्दन: द्वापर युग में, जब भीम को अपनी शक्ति पर अहंकार हो गया था, तब हनुमान जी ने एक वृद्ध वानर का रूप धारण कर भीम का रास्ता रोका था और उनका अहंकार तोड़ा था। ज्येष्ठ मास के मंगलवार को हनुमान जी ने 'बूढ़े वानर' के रूप में दर्शन दिए थे, इसीलिए इसे 'बुढ़वा मंगल' भी कहा जाता है।
 
ऐतिहासिक कारण: लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह के काल में, उनकी बेगम ने हनुमान जी से मन्नत मांगी थी जो पूरी हुई। इसके बाद ज्येष्ठ के मंगलवार को बड़े स्तर पर भंडारे कराए गए और इसे 'बड़ा मंगल' नाम मिला।ALSO READ: Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां

 

हनुमान पूजा की 'परफेक्ट' विधि: Jyeshtha Mangal Puja Vidhi Step by Step

अगर आप चाहते हैं कि आपकी प्रार्थना तुरंत सुनी जाए, तो इस विधि से करें पूजन:
 
ब्रह्म मुहूर्त में उठें: सुबह स्नान के बाद लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
 
संकल्प: हनुमान जी के सामने हाथ में जल लेकर व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें।
 
स्थापना: एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। खुद कुश के आसन पर बैठें।
 
अभिषेक व श्रृंगार: हनुमान जी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं (चित्र है तो साफ कपड़े से पोंछें) अनामिका अंगुली से सिंदूर का तिलक लगाएं और चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 
 
यदि मंदिर में हनुमानजी की मूर्ति का पूजन कर रहे हैं, तो चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर (चोला) चढ़ाएं।
 
अर्पण: लाल फूल, हार और सुगंधित चंदन अर्पित करें।
 
पाठ: इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यदि समय कम हो तो 'हनुमान चालीसा' या 'बजरंग बाण' पढ़ें।
 
भोग (नैवेद्य): बजरंगबली को बूंदी, लड्डू या मालपुआ या चूरमे का भोग का भोग लगाएं। याद रखें, इनके भोग में नमक, मिर्च या तेल का प्रयोग सख्त वर्जित है।
 
आरती व क्षमा प्रार्थना: अंत में पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की आरती गाएं। प्रसाद को परिवार और जरूरतमंदों में बांट दें।
 
दान: प्यासे लोगों को पानी या शरबत पिलाना इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य है।
 

5 मई 2026 पहला बड़ा मंगल के शुभ मुहूर्त: Bada Mangal 2026 Shubh Muhurat

चूंकि कल 5 मई को पहला बड़ा मंगल है, यहां इस दिन के शुभ समय दिए गए हैं:
 
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:12 से 04:54 तक।
अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ): सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तक। (इस दौरान पूजा करना सर्वोत्तम है)।
अमृत काल: दोपहर 01:25 से 03:00 तक।
राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 03:39 से शाम 05:18 तक। (इस समय नई शुरुआत या विशेष पूजा से बचें)।
 

2026 के सभी 8 बड़े मंगल की तिथियां

 
1.- 5 मई 2026: पहला बड़ा मंगल (शुरुआत)
2.- 12 मई 2026: दूसरा बड़ा मंगल
3.- 19 मई 2026: तीसरा बड़ा मंगल
4.- 26 मई 2026: चौथा बड़ा मंगल
5.- 2 जून 2026: पांचवां (अधिक मास)
6.- 9 जून 2026: छठा (अधिक मास)
7.- 16 जून 2026: सातवां (शुद्ध मास)
8.- 23 जून 2026: आठवां (समापन)
 
याद रखें: बड़ा मंगल सिर्फ कर्मकांड नहीं, बल्कि अपनी भीतर की बुराइयों को जीतकर 'हनुमान' जैसा बल और बुद्धि पाने का अवसर है।
 
बजरंगबली आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें! 
जय श्री राम!
 
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