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Vladimir Putin : क्या पुतिन ट्रंप को ईरान युद्ध से निकालने में कर रहे गुप्त मदद? रूस-CIA संपर्क से बढ़ी हलचल

putin and trump
रूस, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) पर्दे के पीछे से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को ईरान संकट से बाहर निकलने का रास्ता दिखा रहे हैं? हाल ही में आई एक अहम जानकारी ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
खुफिया जानकारी सैटेलाइट इमेजरी और उन्नत ड्रोन रणनीतियों के जरिए मदद की खबरों ने वॉशिंगटन में चिंता बढ़ा दी है। Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी सेना जल्द ही संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकल सकती है, जिससे रूस की मंशा को लेकर बहस और तेज हो गई है। क्या Kremlin दोनों पक्षों के साथ खेल रहा है- एक तरफ ईरान का समर्थन करते हुए और दूसरी ओर अमेरिका के साथ संवाद के रास्ते खोलते हुए? रूस ने खोले गुप्त संपर्क के संकेत
रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी SVR के प्रमुख Sergei Naryshkin ने दावा किया है कि उनकी एजेंसी अमेरिकी खुफिया एजेंसी Central Intelligence Agency (CIA) के संपर्क में है और ईरान की स्थिति पर लगातार बातचीत हो रही है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
 

क्या ट्रंप को मिल रहा ‘एग्जिट प्लान’?

 
एक्सपर्ट्‍स का का मानना है कि अगर रूस और अमेरिका के बीच बैकचैनल बातचीत जारी है, तो इसका एक मकसद यह भी हो सकता है कि Donald Trump को ईरान के साथ संभावित टकराव से सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाए। हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे “साइलेंट डील” के तौर पर देखा जा रहा है।

ईरान को रूस की मदद की खबरें

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि रूस ने ईरान को रणनीतिक और खुफिया स्तर पर मदद दी है। अगर यह सच साबित होता है, तो यह पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। रूस और ईरान पहले से ही कई मोर्चों पर सहयोगी रहे हैं, खासकर सैन्य और ऊर्जा सेक्टर में।
 

वैश्विक राजनीति में बड़ा असर

 
अगर रूस, अमेरिका औरईरान  के बीच इस तरह के गुप्त संपर्क जारी रहते हैं, तो इसका असर केवल युद्ध तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक तेल बाजार, सुरक्षा और कूटनीति पर भी पड़ेगा। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बैकडोर डिप्लोमेसी किसी बड़े समझौते में बदलती है या फिर यह तनाव और बढ़ेगा।अगर बातचीत सफल होती है तो एक बड़े युद्ध को टाला जा सकता है, लेकिन असफलता की स्थिति में हालात और बिगड़ सकते हैं।

ईरान युद्ध में अब तक क्या-क्या हुआ?

अमेरिका का कहना है कि वो ईरान के साथ वार्ता कर रहा है लेकिन ईरान की ओर से इस बात से इनकार किया जा रहा है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि उन तक संदेश पहुंचे हैं लेकिन प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हो रही है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति मार्को रुबियो का कहना है कि ईरान झूठ बोल रहा है। ईरान में सूत्रों के हवाले से खबरें आईं कि अब वहां पर कोई चुनी हुई सत्ता काम नहीं कर रही है। सुप्रीम लीडर को गहन सुरक्षा में कहीं रखा गया है, जहां से उनसे संपर्क नहीं हो रहा। इसी बीच राष्ट्रपति पजेश्कियन को सैन्य इकाई आईआरजीसी ने किनारे कर दिया है और सारे महत्वपूर्ण निर्णय वो खुद ही ले रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
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