पहले नेहरू स्टेडियम, फिर डेली कॉलेज, क्यों नहीं मिल रही राहुल गांधी को अनुमति, छात्रों की गूंज के लिए बीजेपी ने दी ये सलाह
इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज आयोजन को लेकर राजनीति तेज हो गई है। जेन जी के साथ होने वाले इस आयोजन के लिए पहले कांग्रेस ने यहां के नेहरू स्टेडियम की अनुमति मांगी थी, लेकिन महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नियम देखकर अनुमति देने की बात कहकर मामला टाल दिया। इसके बाद चर्चा चली कि रीजनल पार्क में यह आयोजन किया जा सकता है, इसके बाद डेली कॉलेज में भी आयोजन करने की बात चली। लेकिन अब तक कुछ भी तय नहीं हो पाया है।
बता दें कि 12 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी का छात्रों की गूंज आयोजन होना है। इसके लिए जगह की तलाश हो रही है, लेकिन इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने वेबदुनिया को बताया कि अब तक जगह को लेकर कुछ तय नहीं हो पाया है।
बता दें कि 12 सितंबर को राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम का स्थल अब तक तय नहीं हो पाया है। कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी है, लेकिन नगर निगम की ओर से अभी अनुमति नहीं मिल सकी है।
नेहरू स्टेडियम में सिर्फ खेल की अनुमति : इस सिलसिले में कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित अन्य कांग्रेस नेता सोमवार को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल से मिले। उधर, मेयर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि हाईकोर्ट ने नेहरू स्टेडियम में खेल अनुमति के अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा रखी है। इस कारण अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। इसे देखते हुए कांग्रेस अब चिमनबाग मैदान, खेल प्रशाल सहित अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे का कहना है कि अफसर बेवजह भाजपा के दबाव में नेहरू स्टेडियम में आयोजन की अनुमति नहीं दे रहे हैं। स्टेडियम में पहले भी कई सभाएं हुई हैं। चौकसे ने कहा कि राहुल गांधी जेन-जी के पसंदीदा नेता हैं। वे युवाओं से चर्चा कर रहे हैं। इससे भाजपा में भय का माहौल है। इस कारण आयोजन की अनुमति देने में आनाकानी की जा रही है। उधर, राहुल गांधी के आयोजन के लिए दिल्ली से भी एक टीम दौरा करने आएगी। यदि स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलती है तो फिर दूसरे विकल्पों पर कांग्रेस विचार कर सकती है।
राहुल गांधी ने चार साल पहले भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी तो इंदौर में उन्हें युवाओं की सभा लेनी थी और एक दिन का विश्राम इंदौर में था। इसके लिए खालसा स्टेडियम तय किया गया था, लेकिन तब स्टेडियम नहीं मिल पाया। इसके बाद चिमनबाग मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिमनबाग मैदान में राहुल गांधी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया था। तब भी कांग्रेस ने काफी भीड़ जुटाई थी।
बीजेपी ने पत्र लिखकर दे डाली सलाह : दूसरी तरफ बीजेपी के इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर आयोजन के लिए 3 विकल्प सुझाए हैं। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जगह को लेकर भ्रम न फैलाए। जवाब में कांग्रेस के पूर्व संभागीय प्रवक्ता विवेक खंडेलवाल ने भी पलटवार करते हुए सुमित मिश्रा को पत्र लिखा और कहा कि राहुल गांधी के संवाद से बीजेपी को गहरी बेचैनी हो रही है।
बीजेपी ने 3 जगहों की दी सलाह : भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने पत्र में लिखा कि मीडिया से जानकारी मिली है कि कांग्रेस को राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए जगह ढूंढने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने इंदौर की सौहार्दपूर्ण राजनीतिक परंपरा का हवाला देते हुए 3 विकल्पों की सलाह दे डाली है।
सुपर कॉरिडोर: कांग्रेस के 50 हजार विद्यार्थियों से संवाद के दावे पर उन्होंने कहा कि इतने युवाओं के लिए सुपर कॉरिडोर सबसे बेहतर रहेगा, जहां संवाद के साथ भोजन और पार्किंग की अच्छी व्यवस्था हो सकती है।
दशहरा मैदान: यदि कांग्रेस केवल दो से तीन हजार युवाओं को ही जुटा पाती है, तो दशहरा मैदान उपयुक्त रहेगा।
अभय प्रशाल: कम संख्या में आयोजन के लिए अभय प्रशाल सभागृह का सुझाव दिया और बताया कि 2003 में सोनिया गांधी का कार्यक्रम भी यहीं हुआ था। अब इस पर राजनीति तो शुरू हो चुकी है, लेकिन आगे इसे लेकर क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी, क्योंकि 12 सितंबर को राहुल गांधी का आयोजन तो तय है।
30 वर्ष से कम के 50 हजार युवाओं को एंट्री : जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने बताया कि पूरी बागडौर राहुल गांधी के दिल्ली स्थित कार्यालय के हाथों में ही हैं, वे ही तय करते हैं कि कार्यक्रम की रूपरेखा कैसी हो? फिलहाल तय हुआ है कि राहुल गांधी के मंच पर आने के पहले प्रसिद्ध सिंगर का लाइव कंसर्ट भी होगा। इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक युवा का पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। इसके लिए स्थानीय और प्रांतीय टीमें यूनिवर्सिटी, कॉलेज तथा हॉस्टलों में जाकर सीधे छात्रों से संवाद करेंगी। प्रवेश केवल 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं तक सीमित रहेगा। कार्यक्रम में युवाओं के वैश्विक और राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य स्तर के विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। फिलहाल अनुमति का इंतजार किया जा रहा है, जिसके मिलते ही मैदान पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि 12 सितंबर को राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम का स्थल अब तक तय नहीं हो पाया है। कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी है, लेकिन नगर निगम की ओर से अभी अनुमति नहीं मिल सकी है।
नेहरू स्टेडियम में सिर्फ खेल की अनुमति : इस सिलसिले में कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित अन्य कांग्रेस नेता सोमवार को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल से मिले। उधर, मेयर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि हाईकोर्ट ने नेहरू स्टेडियम में खेल अनुमति के अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा रखी है। इस कारण अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। इसे देखते हुए कांग्रेस अब चिमनबाग मैदान, खेल प्रशाल सहित अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है।
राहुल गांधी ने चार साल पहले भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी तो इंदौर में उन्हें युवाओं की सभा लेनी थी और एक दिन का विश्राम इंदौर में था। इसके लिए खालसा स्टेडियम तय किया गया था, लेकिन तब स्टेडियम नहीं मिल पाया। इसके बाद चिमनबाग मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिमनबाग मैदान में राहुल गांधी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया था। तब भी कांग्रेस ने काफी भीड़ जुटाई थी।
बीजेपी ने पत्र लिखकर दे डाली सलाह : दूसरी तरफ बीजेपी के इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर आयोजन के लिए 3 विकल्प सुझाए हैं। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जगह को लेकर भ्रम न फैलाए। जवाब में कांग्रेस के पूर्व संभागीय प्रवक्ता विवेक खंडेलवाल ने भी पलटवार करते हुए सुमित मिश्रा को पत्र लिखा और कहा कि राहुल गांधी के संवाद से बीजेपी को गहरी बेचैनी हो रही है।
सुपर कॉरिडोर: कांग्रेस के 50 हजार विद्यार्थियों से संवाद के दावे पर उन्होंने कहा कि इतने युवाओं के लिए सुपर कॉरिडोर सबसे बेहतर रहेगा, जहां संवाद के साथ भोजन और पार्किंग की अच्छी व्यवस्था हो सकती है।
दशहरा मैदान: यदि कांग्रेस केवल दो से तीन हजार युवाओं को ही जुटा पाती है, तो दशहरा मैदान उपयुक्त रहेगा।
30 वर्ष से कम के 50 हजार युवाओं को एंट्री : जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने बताया कि पूरी बागडौर राहुल गांधी के दिल्ली स्थित कार्यालय के हाथों में ही हैं, वे ही तय करते हैं कि कार्यक्रम की रूपरेखा कैसी हो? फिलहाल तय हुआ है कि राहुल गांधी के मंच पर आने के पहले प्रसिद्ध सिंगर का लाइव कंसर्ट भी होगा। इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक युवा का पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। इसके लिए स्थानीय और प्रांतीय टीमें यूनिवर्सिटी, कॉलेज तथा हॉस्टलों में जाकर सीधे छात्रों से संवाद करेंगी। प्रवेश केवल 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं तक सीमित रहेगा। कार्यक्रम में युवाओं के वैश्विक और राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य स्तर के विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। फिलहाल अनुमति का इंतजार किया जा रहा है, जिसके मिलते ही मैदान पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

