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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से एमवाय अस्‍पताल की सेवाएं ठप, सैकड़ों मरीज परेशान, क्‍या हैं डॉक्‍टरों की मांगें

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भोपाल मे डॉक्‍टरों के साथ हुई बदसलूकी की वजह से इंदौर में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। इंदौर के जूनियर डॉक्‍टरों ने हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे एमवाय अस्‍पताल की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं ठप हो गई हैं। दरअसल, जूनियर डॉक्टरों ने 'वन नेशन-वन स्टाइपेंड' और भोपाल में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर सेवाएं सुचारु रखने का दावा किया है।

बता दें कि एमवाय अस्‍पताल इंदौर का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। लेकिन जब जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान किया तो यहां व्‍यवसथाएं ठप हो गईं। यहां के डॉक्टर भोपाल में हुए लाठीचार्ज और 'वन नेशन-वन स्टाइपेंड' की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स 3 दिन से सड़कों पर हैं। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है और कई जगह ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं।

मानदेय में भेदभाव क्‍यों : अस्पताल परिसर में एकत्र हुए रेजिडेंट डॉक्टरों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का कहना है कि एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र अस्पतालों में दिन-रात सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद देश के अलग-अलग राज्यों में उनके मानदेय में भारी भेदभाव है। डॉक्टरों की मांग है कि पूरे देश में एक समान मानदेय व्यवस्था लागू की जाए और भोपाल में चिकित्सकों पर बल प्रयोग करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो। इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्‍होंने बताया कि धूप और गर्मी में भी हम लगातार आंदोलन करेंगे। सीनियर डॉक्टर, हमारे सभी साथी और परिचित इस आंदोलन में हमारे साथ हैं।

अस्‍पताल ने की वैकल्‍पिक व्‍यवस्‍था : दरअसल, भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों पर लाठीचार्ज किया गया था। जिसके विरोध में डॉक्‍टर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि इस तरह का सलूक कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर अशोक यादव का कहना है कि मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्रबंधन के अनुसार ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से चालू हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों और कंसल्टेंट्स को मोर्चे पर तैनात किया गया है। वहीं कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है ताकि मरीजों की जान जोखिम में न पड़े।
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