चलते ही इंदौर मेट्रो में होने लगा मुसाफिरों का टोटा, प्रशासन कैसे इंदौरियों को मेट्रो के सफर के लिए करेगा आकर्षित
इंदौर में चार दिन पहले ही मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया गया है। पहले दिन जब मेट्रो को गांधी नगर से विजयनगर के रेडिसन स्क्वेयर तक चलाया गया तो तकरीबन 6 हजार लोगों ने सफर किया था। लेकिन दूसरे दिन यात्रियों की संख्या आधी रह गई और अब तो कुछ ही यात्री मेट्रो में नजर आ रहे हैं।
बता दें कि इंदौर में 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन शुरू हो गया है। हालांकि इसे लेकर यात्रियों में उत्साह कम ही नजर आ रहा है। सोमवार और मंगलवार को दिनभर मेट्रो ट्रेन के कोच में इक्का-दुक्का यात्री ही सफर करते दिखाई दिए। ऐसे में सवाल है कैसे प्रशासन लोगों को मेट्रो के लिए आकर्षित करेगा।
शाम के वक्त में जो यात्री मेट्रो में सफर कर रहे हैं, वे सिर्फ मेट्रो के सफर का एक्सपिरियंस करने आ रहे हैं, दिन के वक्त कोच खाली दिखाई दे रहे हैं। कुछ यात्री मेट्रो ट्रेन में सफर का लुत्फ लेने के लिए मेट्रो ट्रेन में सवार हुए। शनिवार से मेट्रो ट्रेन का संचालन गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक शुरू हुआ।
16 स्टेशनों से ट्रेन को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में 50 मिनट का समय लग रहा है। ट्रेन हर स्टेशन पर आधा मिनट रुक रही है, लेकिन मंगलवार को न स्टेशनों पर चहल-पहल दिखी, न मेट्रो ट्रेन के कोच में ज्यादा यात्री नजर आए। रविवार को मेट्रो ट्रेन में छह हजार यात्रियों ने यात्रा की, लेकिन सोमवार को यह संख्या आधी रह गई, जबकि मंगलवार को और कम लोग दिखाई दिए।
शाम के वक्त में जो यात्री मेट्रो में सफर कर रहे हैं, वे सिर्फ मेट्रो के सफर का एक्सपिरियंस करने आ रहे हैं, दिन के वक्त कोच खाली दिखाई दे रहे हैं। कुछ यात्री मेट्रो ट्रेन में सफर का लुत्फ लेने के लिए मेट्रो ट्रेन में सवार हुए। शनिवार से मेट्रो ट्रेन का संचालन गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक शुरू हुआ।
16 स्टेशनों से ट्रेन को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में 50 मिनट का समय लग रहा है। ट्रेन हर स्टेशन पर आधा मिनट रुक रही है, लेकिन मंगलवार को न स्टेशनों पर चहल-पहल दिखी, न मेट्रो ट्रेन के कोच में ज्यादा यात्री नजर आए। रविवार को मेट्रो ट्रेन में छह हजार यात्रियों ने यात्रा की, लेकिन सोमवार को यह संख्या आधी रह गई, जबकि मंगलवार को और कम लोग दिखाई दिए।

