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Last Updated : गुरुवार, 8 जनवरी 2026 (17:30 IST)

अपराध में भी नंबर वन है मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का क्षेत्र, बाणगंगा में 1 हजार 749 केस हुए दर्ज, जानिए क्‍या है हाल

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इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामलों के बाद चर्चा में आए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का क्षेत्र बाणगंगा अपराध के मामलों में भी नंबर वन पर बना हुआ है। बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाणगंगा थाना एक बार फिर सबसे अधिक अपराध दर्ज करने वाला थाना रहा। यूं तो इंदौर में लगातार हर क्षेत्र में अपराध हो रहे हैं, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के क्षेत्र में अपराध के जो केस दर्ज किए गए हैं वे यहां कि कहानी साफ बता रहे हैं।

थाना बाणगंगा अपराध में पहले पायदान पर : इंदौर शहर में साल 2025 की अपराध रिपोर्ट के मुताबिक पहले जहां लसूड़िया थाना अपराध के मामलों में दूसरे नंबर पर था, वहीं अब उसे पीछे छोड़ते हुए चंदननगर थाना दूसरे स्थान पर आ गया है। शहर में सबसे अधिक अपराध दर्ज करने वाला थाना बाणगंगा पहले की तरह नंबर वन बना हुआ है, जबकि लसूड़िया तीसरे स्थान पर खिसक गया है।

जानिए कितने अपराध हुए दर्ज : बता दें कि बीते एक साल में शहरभर में 33 हजार से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में करीब पांच हजार अधिक है, जो शहर में बढ़ते अपराध की ओर इशारा करती है। हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

बाणगंगा सबसे आगे : जारी आंकड़ों के मुताबिक बाणगंगा थाना में सबसे अधिक 1 हजार 749 केस दर्ज हुए हैं। इसके बाद चंदननगर थाना में 1663 मामले सामने आए। तीसरे स्थान पर लसूड़िया थाना रहा, जहां 1640 केस दर्ज किए गए। चौथे नंबर पर भंवरकुआं थाना रहा, जहां 1370 अपराध दर्ज हुए। इसके अलावा विजयनगर थाना में 1020 और खजराना थाना में 1041 केस दर्ज हुए। शहर के कुल अपराधों में से करीब 30 प्रतिशत मामले इन पांच से छह थानों में ही दर्ज हुए हैं।

फैल हुआ 2 टीआई का प्रयोग : अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने हाल ही में लसूड़िया और विजयनगर थानों में दो टीआई का प्रयोग शुरू किया है। यहां दो महिला टीआई को टू आईसी के रूप में पदस्थ किया गया है, लेकिन इसके बावजूद अपराधों में कोई खास कमी नहीं आई है। अन्य थानों में भी यह प्रयोग लागू करने की तैयारी है। कुल मिलाकर इंदौर में लगातार अपराध बेलगाम होते जा रहे हैं। अपराधियों में न पुलिस का खौफ है और न ही पुलिस शहर में मुस्‍तैद नजर आती है।
Edited By: Navin Rangiyal
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