इंदौर के भागीरथपुरा को लेकर जमकर हो हल्ला हो रहा है, सभी की नजरें भागीरथपुरा पर लगी हुई है, लेकिन हकीकत यह है कि तथाकतिथ स्वच्छ इंदौर पूरा ही दूषित है। खजराना से लेकर प्रजापति नगर तक और मूसाखेडी से लेकर शहर की कई पॉश कॉलोनियों में गंदे पानी के वीडियो सामने आ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खुद कई कॉलोनियों में जाकर पेयजल व्यवस्था देखी और वॉटर ऑडिट किया। कई जगहों से सेंपल लिए गए हैं। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि नलों में गंदा मटमेला, कीडों वाला और बदबूदार पानी आ रहा है। कुल मिलाकर इंदौर गंदे पानी को लेकर अब पूरी तरह से एक्सपोज हो चुका है।
बस्ती से लेकर पॉश तक सभी जगह गंदा पानी : भागीरथपुरा के बाद अब मालवीय नगर, चंद्रभागा और जबरन कॉलोनी में भी रहवासी दूषित व जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं शहर की कई पॉश कॉलोनियों में गंदे, मटमेले और बदबूदार पानी की शिकायतें आ रही हैं। मंगलवार को विशेषज्ञों की टीम ने निगम अफसरों की मौजूदगी में नर्मदा पेयजल की जांच की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
जांच के दौरान टीडीएस (कुल घुलित ठोस) मापने वाले यंत्र और क्लोरोस्कोप की मदद से पानी की कठोरता और क्लोरीन की मात्रा जांची गई। नर्मदा टंकी से महज 500 मीटर की दूरी पर ही पानी का TDS 773 तक पहुंच गया, जो पीने योग्य मानकों से कहीं ज्यादा है। जबरन कॉलोनी में तो निगम अफसरों के सामने ही नर्मदा पेयजल लाइन से काला, बदबूदार और सीवरेज मिला दूषित पानी निकल आया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किया दौरा : मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की तीन बस्तियों का दौरा कर वहां की पेयजल व्यवस्था देखी। इसके बाद उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा ही नहीं, शहर के कई इलाकों में दूषित जल की सप्लाई हो रही है। सिंघार मदीना नगर, खजराना, भूरी टेकरी, बर्फानी धाम कॉलोनी में पहुंचे थे और लोगों से सप्लाई को लेकर बातें की। उन्होंने दूषित पानी के सेंपल भी लिए है।
खुद किया वाटर ऑडिट : सिंघार ने कहा कि इंदौर में जहरीले पानी का सच उजागर हुआ है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग मामला दबाने में जुटा है, लेकिन मैंने इंदौर में खुद वाटर ऑडिट शुरू किया है, जिसमें दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई और इलाके भागीरथपुरा बनने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि यह केवल भागीरथपुरा की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरा इंदौर दूषित पानी पीने को मजबूर है।
क्या कहते हैं रहवासी : रहवासियों का कहना है कि शहर के अधिकांश इलाकों में पेयजल सप्लाई शुरू होने के शुरुआती 2 से 15 मिनट तक नलों से गंदा पानी आता है। इससे साफ है कि पाइप लाइनों में लीकेज के कारण सीवरेज का पानी पेयजल में मिल रहा है। लोग मजबूरी में पहले गंदा पानी सड़कों पर बहा देते हैं और पानी साफ दिखने पर ही उसे उपयोग में लेते हैं।
क्या है विशेषज्ञों की चेतावनी : विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सिर्फ पानी का रंग देखकर उसे सुरक्षित मानना गंभीर स्वास्थ्य खतरे को न्योता देना है। दूषित पानी से पेट संबंधी बीमारियों सहित कई संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद निगम के जिम्मेदार अफसर अब तक इस समस्या की जिम्मेदारी लेने से बचते नजर आ रहे हैं।
पॉश कॉलोनियों में ये हाल : शहर की पॉश कॉलोनियों में शामिल शालीमार टाउनशिप में भी नर्मदा जल में कोलिफार्म बैक्टीरिया मिलने का मामला सामने आ चुका है। फरवरी 2025 में हुई जांच के बाद टाउनशिप में 100 से अधिक लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द से बीमार पड़ गए थे, जिसके बाद पानी की टंकियों में ब्लीचिंग और हाइपो क्लोराइड डाला गया। लगातार सामने आ रहे मामलों ने नगर निगम की नर्मदा जल सप्लाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खजराना : इंदौर के खजराना इलाके में नर्मदा का बदबूदार पानी। इससे शर्मनाक बात क्या होगी कि देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में नर्मदा के बदबूदार पानी का वितरण किया जा रहा है। आज मैंने स्वयं खजराना के लोगों को वितरित किए जा रहे इस पानी को देखा। लोगों का कहना सही है कि इस पानी में भारी दुर्गंध है और ये प्रदूषित है। पूरा प्रशासन और नगर निगम सिर्फ भागीरथपुरा में लगा है। जबकि, असल में पूरा शहर ही भागीरथपुरा की तरह गंदा पानी पीने को अभिशप्त है। मुख्यमंत्री जी यदि राजनीति से फुरसत मिले तो जरा अपनी जिम्मेदारियों की तरफ भी ध्यान दीजिए।
कृष्णबाग कॉलोनी : इंदौर की कृष्णबाग कॉलोनी से भी खबर है कि यहां के मकान नं. 544 में रहने वाले एक ही परिवार के चार लोग बीमार हो गए, जिसमें एक आठ माह का बच्चा, दूसरी बच्ची डेढ़ साल की, तो तीसरी 5 साल की बच्ची शामिल है। वहीं एक अन्य बुजुर्ग महिला की तबीयत भी बिगड़ गई। परिवार की रंजना पंवार मीडिया को बताती हैं कि पानी पीने के बाद इन्हें उल्टियां शुरू हो गईं, जिससे इनकी हालत कमजोर हो गई। रंजना कहती हैं कि जब निगम में इसकी शिकायत की तो कर्मचारियों ने उल्टा सवाल कर दिया कि सिर्फ आपके ही घर में लोग बीमार हुए, दूसरों को तो कोई परेशानी नहीं हो रही।
वार्ड 57 में गंदे पानी से हाहाकार : नगर निगम की लापरवाही: भागीरथपुरा के बाद अब वार्ड 57 में मचा हाहाकार, घरों में घुसा सीवेज का गंदा पानी। शहर में स्वच्छता के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। भागीरथपुरा की हालिया घटना के बाद अब वार्ड क्रमांक 57 के रहवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र में चेंबर ओवरफ्लो होने के कारण सीवेज का गंदा और बदबूदार पानी लोगों के ड्राइंग रूम और किचन तक पहुंच गया है। इसी तरह प्रजापत नगर में पीने के पानी में आ रही ड्रेनेज की गंदगी। मुसाखेडी में भी यही हाल है।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल