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  4. what is computer vision syndrome symptoms and treatment

डिजिटल आई स्ट्रेन का खतरा, कंप्यूटर विजन सिंड्रोम को जानिए और आंखों को बचाइए

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम क्या है
आज के वक्त में जितनी भी बीमारियां हो रही है उन सबका एक ही कारण है कोरोना वायरस। जी हां, कोरोना वायरस की वजह से अधिकतर लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। लंबे वक्त तक टीवी देख रहे हैं, मोबाइल और लैपटॉप से पढ़ाई कर रहे हैं। जिसका असर सीधे आंखों पर पढ़ रहा है। जो एक नई बीमारी के रूप में सामने आ रही है उसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहते हैं। डॉक्टर के मुताबिक हर दिन 3 घंटे से ज्यादा समय तक टीवी देखना या अन्य डिवाइस देखने से इस बीमारी का खतरा होता है। 
 
कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का प्रमुख कारण

कंप्यूटर, टीवी, मोबाइल से नीले रंग की किरणें निकलती है। जिसका प्रभाव आंखों पर पड़ता है। कई लोग लंबे वक्त तक  स्क्रीन  को देखते रहते हैं और अपनी पलके भी नहीं झपकाते हैं। इस वजह से आंखों से पानी आने लग जाता है। साथ ही आंखें सूखने लगती है,जलन, आंखे लाल रहना। जिन्हें चश्मा होता है वह चश्मा भी नहीं लगाते हैं। इससे और अधिक प्रभाव पड़ता है।

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षण 
 
आंखों में जलन, आँखों में पीट दर्द या सूजन, आंखें सूखना, आंखें लगातार लाल रहना, सिर दर्द।

कैसे बचाएं कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से

- अपनी पलकों को झपकाना नहीं भूलें।
- स्क्रीन से आंखों को हटाते रहे।
-2 घंटे में चेहरा धोते रहे।
- समय मिलने पर आंखों की एक्सरसाइज करते रहे।
-आंखों में जलन होने पर में ठंडा पानी छिड़के।
-अंधेरे या कम रोशनी में काम करने से बचें।