Live : पंजाब और हरियाणा में जिला स्तर पर किसानों का प्रदर्शन
नई दिल्ली। कृषि कानून वापस लेने की मांग करते हुए किसान 19वें दिन भी दिल्ली की बॉर्डर पर डटे हुए हैं। आज किसान नेता भूख हड़ताल करेंगे। नए कृषि कानूनों (Farm Laws) की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन से जुड़ी हर जानकारी...
05:01 PM, 14th Dec
-नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के बाद पंजाब और हरियाणा में किसानों ने जिला आयुक्त कार्यालयों के बाहर नारेबाजी की और विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों के पंजाब से सटे शंभू सीमा पर इकट्ठा होने के बाद हरियाणा पुलिस ने अंबाला-पटियाला राजमार्ग को बंद कर दिया।
-पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शंभू बार्डर पर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। विपक्षी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कार्यकर्ताओं ने अमृतसर में प्रदर्शन किया। पंजाब में लुधियाना, पटियाला, संगरूर, बरनाला, बठिंडा, मोगा, फरीदकोट, फिरोजपुर और तरणतारण समेत कई जिलों में प्रदर्शन किया गया। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहान) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा कि पंजाब में कई स्थानों पर किसानों ने उपायुक्त कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया।
-हरियाणा में फतेहाबाद, जींद, सिरसा, कुरूक्षेत्र, गुड़गांव, फरीदाबाद, भिवानी, कैथल और अंबाला में प्रदर्शन किए जाने की खबर है। जींद में लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने जिला कार्यालय परिसर में घुसने की कोशिश की। फतेहाबाद में किसानों ने ट्रैक्टर जुलूस निकाला और बाद में उनमें से कुछ जिला सचिवालय पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। अंबाला में भी उपायुक्त कार्यालय के बाहर नारेबाजी हुई।
05:00 PM, 14th Dec
-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सोमवार को लोगों से अपील की कि वे जहां पर हैं वहीं पर किसानों के समर्थन में उपवास रखें और भरोसा जताया कि अंत में किसानों की जीत होगी। केजरीवाल भी सोमवार को प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में एक दिवसीय उपवास रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी के स्वयंसेवकों, समर्थकों और देश के लोगों से किसानों के आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
-दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि वह भी पार्टी कार्यालय में पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ एक दिन का अनशन करेंगे। सिसोदिया ने ट्वीट किया कि देश का अन्नदाता किसान अपनी रोज़ी रोटी बचाने की ख़ातिर, केन्द्र सरकार के तीन क़ानूनों को वापस लिए जाने की मांग करते हुए आज अनशन पर है। किसानों की मांग के समर्थन में आज आम आदमी पार्टी कार्यालय में सभी साथियों के साथ मैं भी उपवास पर हूं।
12:38 PM, 14th Dec
सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक दिन के उपवास को पाखंड बताया है। जावड़ेकर ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि केजरीवाल जी, ये आपका पाखंड है। आपने पंजाब विधानसभा चुनावों में वादा किया था कि जीतने पर कृषि उत्पाद बाज़ार समिति (एपीएमसी) कानून में संशोधन किया जाएगा। नवंबर 2020 में आपने दिल्ली में कृषि कानूनों को अधिसूचित भी किया और आज आप उपवास का ढोंग कर रहे हो। यह कुछ और नहीं बल्कि पाखंड ही है।
.@arvindkejriwal जी, ये आपका पाखण्ड है। आपने पंजाब विधानसभा चुनावों में वादा किया था कि जीतने पर APMC कानून में संशोधन किया जाएगा। नवम्बर 2020 में आपने दिल्ली में कृषि कानूनों को अधिसूचित भी किया और आज आप उपवास का ढोंग कर रहे हो। यह कुछ और नही बल्कि पाखण्ड ही है। @BJP4India
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) December 14, 2020
11:21 AM, 14th Dec
किसान आंदोलन के समर्थन में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन, गोपाल राय और आम आदमी पार्टी के अन्य नेता भूख हड़ताल पर बैठ हुए हैं।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के उपवास के नाटक बताने वाले बयान पर दिया जवाब।कैप्टन जी, मैं शुरू से किसानों के साथ खड़ा हूँ। दिल्ली के स्टेडीयम जेल नहीं बनने दी, केंद्र से लड़ा। मैं किसानों का सेवादार बनके उनकी सेवा कर रहा हूँ
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 14, 2020
आपने तो अपने बेटे के ED केस माफ़ करवाने के लिए केंद्र से सेटिंग कर ली, किसानों का आंदोलन बेच दिया? क्यों? https://t.co/J3VzLgCI3M
08:32 AM, 14th Dec
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी सिंघु बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसान आज कानूनों के खिलाफ भूख हड़ताल करेंगे। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के दयाल सिंह ने बताया कि काले कानूनों की वजह से अन्नदाता भूख हड़ताल कर रहे हैं।
07:13 AM, 14th Dec
केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि सरकार जल्द ही बैठक की नयी तिथि तय करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई इस बार मुद्दे का हल निकल जाएगा। सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि नेता अपने-अपने स्थानों पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि देशभर के सभी जिला मुख्यालयों में धरने दिए जाएंगे। किसान सिंधु, टिकरी, पलवल, गाजीपुर सहित सभी नाकों पर अनशन पर बैठेंगे।

