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Pandit Jawaharlal Nehru: पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में 10 रोचक बातें
Jawaharlal Nehru First Prime Minister of India: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि हर वर्ष 27 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 27 मई 1964 को 74 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से हुआ था। नेहरू जी आधुनिक भारत के निर्माण, लोकतंत्र की मजबूती और शिक्षा के विकास में अहम योगदान देने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। वे बच्चों के प्रिय 'चाचा नेहरू' के नाम से भी प्रसिद्ध थे। नेहरू जी का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं।
आइए जानते हैं पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी 10 बेहद रोचक बातें:
1. कश्मीरी पंडित होने के कारण मिला 'नेहरू' उपनाम
जवाहरलाल नेहरू का परिवार मूल रूप से कश्मीरी पंडित था। उनके पूर्वज राज कौल 18वीं शताब्दी की शुरुआत में कश्मीर से दिल्ली आए थे। दिल्ली में उनका घर एक मुगलकालीन नहर के किनारे था, जिसके कारण स्थानीय लोग उन्हें 'नेहरू' (नहर वाले) कहने लगे। आगे चलकर यही उनका स्थायी उपनाम बन गया।
2. घर पर ही हुई शुरुआती पढ़ाई
नेहरू जी के पिता मोतीलाल नेहरू एक बेहद अमीर और प्रसिद्ध वकील थे। उन्होंने जवाहरलाल की शुरुआती शिक्षा के लिए घर पर ही देश-विदेश के सबसे बेहतरीन निजी शिक्षक रखे थे। शुरुआती 15 साल की उम्र तक उन्होंने किसी स्कूल का मुंह नहीं देखा था तथा उनकी पढ़ाई घर पर ही हुई थी। इस उम्र तक उन्होंने किसी स्कूल में दाखिला नहीं लिया था।
3. दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों से शिक्षा
घर पर शिक्षा प्राप्त करने के बाद, 15 वर्ष की आयु में सन् 1905 में वे आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए। उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक हैरो (Harrow School) से स्कूली शिक्षा ली। इसके बाद उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज (Trinity College, Cambridge University) से नेचुरल साइंस में ग्रेजुएशन किया और फिर लंदन के इन्नर टेम्पल से वकालत की पढ़ाई पूरी की।
नेहरू जी अपनी रॉयल लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे। वे 'स्टेट एक्सप्रेस 555'(State Express 555) ब्रांड की सिगार पीते थे। यह सिगार यूनाइटेड किंगडम (लंदन) की एक प्रतिष्ठित और लग्जरी सिगरेट ब्रांड है। एक बार जब नेहरू जी भोपाल गए और उनकी पसंदीदा सिगार खत्म हो गई, तो विशेष रूप से इंदौर से एक विमान के जरिए उनके लिए सिगार मंगवाई गई थी।
5. कुल 9 बार गए जेल (3259 दिन)
भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान नेहरू जी को कुल 9 बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने अपने जीवन के लगभग 9 साल (3,259 दिन) सलाखों के पीछे बिताए थे। उनकी पहली जेल यात्रा 1921-22 में हुई थी और आखिरी बार वे 1945 में रिहा हुए थे।
6. जेल की बैरक में लिखी कालजयी किताबें
नेहरू जी एक बेहतरीन लेखक भी थे। उन्होंने जेल में मिले खाली समय का सदुपयोग लिखने में किया। उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें जैसे 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' (The Discovery of India, भारत की खोज) और 'ग्लिम्प्सिज ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री' (Glimpses of World History, विश्व इतिहास की झलकियां) उन्होंने अहमदनगर किले की जेल में रहते हुए बिना किसी संदर्भ किताबों के, केवल अपनी याददाश्त के दम पर लिखी थीं।
7. 'चाचा नेहरू' और 'बाल दिवस' का कनेक्शन
नेहरू जी को बच्चों से अगाध प्रेम था और वे बच्चों को देश का भविष्य मानते थे। बच्चे भी उन्हें प्यार से 'चाचा नेहरू' कहते थे। यही कारण है कि उनके जन्मदिन यानी 14 नवंबर को पूरे देश में 'बाल दिवस' (Childrens Day) के रूप में मनाया जाता है।
8. कपड़ों का स्टाइल बना ग्लोबल ट्रेंड
नेहरू जी के पहनावे का स्टाइल इतना लोकप्रिय हुआ कि वह पूरी दुनिया में एक फैशन स्टेटमेंट बन गया। उनके द्वारा पहनी जाने वाली बिना कॉलर वाली जैकेट को आज भी 'नेहरू जैकेट' कहा जाता है। प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय मैगजीन 'वोग' (Vogue) ने भी उनके ड्रेसिंग सेंस को सराहा था। बता दें कि ये दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फैशन और लाइफस्टाइल मासिक पत्रिका है, जो 1892 में अमेरिका में स्थापित तथा इसे 'फैशन की बाइबिल' भी माना जाता है।
9. गुलाब के फूल के पीछे का राज
नेहरू जी हमेशा अपनी शेरवानी की जेब पर एक ताजा लाल गुलाब का फूल लगाते थे। इसके पीछे एक बेहद भावुक कारण था। कहा जाता है कि वे अपनी पत्नी कमला नेहरू की याद में यह गुलाब लगाते थे, जिनका साल 1936 में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
10. 11 बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित
वैश्विक शांति के लिए काम करने और गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) की नींव रखने वाले नेहरू जी को 11 बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकितकिया गया था, हालांकि उन्हें कभी यह पुरस्कार मिल नहीं सका। 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के बाद पंडित नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने और उन्होंने लगभग 17 वर्षों तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली।
पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
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