कोरोना प्रकोप : स्वाद के स्वर्ग इंदौर में सब्जियों का संकट, बाशिंदों को आलू-प्याज का सहारा

पुनः संशोधित रविवार, 5 अप्रैल 2020 (16:14 IST)
(मध्यप्रदेश)। अपने अलग-अलग जायकों और इनके दीवानों के लिए देश-दुनिया में मशहूर इंदौर में कोरोना वायरस (Corona virus) के प्रकोप से पिछले 11 दिन से कर्फ्यू लगा है। इसके चलते सब्जियों की आपूर्ति रुकी हुई है। कर्फ्यू की मियाद बढ़ने के साथ ही ज्यादातर स्थानीय निवासियों के घर सब्जियों का स्टॉक खत्म होने आया है।
ऐसे में प्रशासन ने कारोबारियों के जरिए किराना और राशन के साथ आलू-की भी घर-घर आपूर्ति की व्यवस्था शुरू की है। इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के आयुक्त आशीष सिंह ने रविवार को बताया, कोरोना वायरस संकट के चलते शहर में लागू कर्फ्यू के मौजूदा हालात में सब्जियों की आपूर्ति बहाल किया जाना अभी कतई उचित नहीं होगा। हालांकि हमने किराना और राशन के साथ आलू-प्याज की घर-घर आपूर्ति शुरू की है ताकि शहरवासियों को रसोईघर में थोड़ी राहत मिल सके।

उन्होंने बताया, सब्जियों के मुकाबले आलू-प्याज को ज्यादा लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। हमारी व्यवस्था के मुताबिक हर ग्राहक को एक बार में एक, दो और पांच किलोग्राम की पैकिंग में आलू-प्याज खरीदने का विकल्प दिया गया है।

इंदौर, राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में पिछले तीन बार से लगातार अव्वल रह चुका है और इस साल भी सफाई का यह मुकाबला जीतने की तगड़ी दावेदारी कर रहा है। मध्यप्रदेश के 30 लाख से ज्यादा आबादी वाले इस शहर को चकाचक रखने वाली कचरा गाड़ियां स्थानीय निवासियों तक किराना, राशन और आलू-प्याज पहुंचाने की व्यवस्था का भी अहम हिस्सा हैं। जीपीएस प्रणाली से लैस ये गाड़ियां हर रोज करीब पांच लाख परिवारों के बीच पहुंचकर घर-घर से कूड़ा जमा करती हैं।

आईएमसी आयुक्त ने बताया, पहले चरण में शहर के 467 मार्गों पर कचरा संग्रहण वाहनों के जरिए लोगों से जरूरी खाद्य वस्तुओं के ऑर्डर लिए जा रहे हैं। इन ऑर्डरों के मुताबिक किराना कारोबारी तय कीमत वसूलकर उनकी मालवाहक गाड़ियों से इस सामान की ग्राहकों के घर-घर आपूर्ति कर रहे हैं।

सिंह ने बताया, फिलहाल हमें हर रोज करीब 30,000 घरों से खाद्य वस्तुओं के ऑर्डर मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में यह तादाद बढ़ सकती है। इस बीच, कोरोना वायरस का प्रकोप सब्जियां उगाने वाले किसानों पर भी भारी पड़ रहा है।

कृषक संगठन सेना के सचिव जगदीश रावलिया ने बताया, मंडियां बंद होने से टमाटर, बैंगन, लौकी, फूलगोभी, पत्तागोभी, भिंडी, मिर्च, हरा धनिया, पालक, मैथी और अन्य सब्जियों की फसल खेतों में ही खराब हो रही है। इससे किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

रावलिया ने मांग की कि प्रशासन को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उपाय सुनिश्चित करते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे शहर में सब्जियों की आपूर्ति बहाल हो सके। इंदौर में कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है। शहर में लगातार इस महामारी के नए मरीज मिल रहे हैं।



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