उत्तर प्रदेश के पर्यटक स्थल 31 मार्च तक बंद, सरकारी कर्मचारियों को लेकर भी होगा फैसला

Author अवनीश कुमार| पुनः संशोधित बुधवार, 18 मार्च 2020 (20:37 IST)
लखनऊ। कोरोना (virus) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहती है और प्रदेश की जनता की सुरक्षा को देखते हुए पहले ही स्कूल-कॉलेज व सिनेमाघर इत्यादि बंद करने के आदेश दे चुकी है। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व विख्यात ताजमहल सहित प्रदेशभर के सभी ऐसे स्मारक जहां दूर-दूर से लोग आते हैं वहां भी 31 मार्च तक के लिए दर्शकों पर रोक लगा दी है। साथ ही उन्होंने प्राइवेट फर्मों में काम करने वाले लोगों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा के मद्देनजर घर से ही काम करें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि अपने-अपने जिलों में जितने भी धार्मिक स्थल हैं वहां भी धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित कर भीड़ को एक जगह एकत्रित होने से रोकने की योजना बनाकर दार्शनिक स्थलों पर भी रोक लगाएं।

इसके लिए सरकार ने धार्मिक गुरुओं से अपील की है कि मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारे में भीड़ न हो। इस अभियान में सभी लोग साथ दें और कोरोना वायरस से आम जनमानस को सुरक्षित रखने के लिए जो भी कदम उठाने हैं, उठाएं और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करें।

कैबिनेट बैठक के बाद बातचीत के दौरान सरकार में मंत्री व प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बैठक में आज कोरोना वायरस को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि कोरोना वायरस से आम जनमानस को बचाना है और इसके लिए जो भी कदम उठाने होंगे, वह सभी उठाए जाएंगे।

उन्होंने प्राइवेट फर्मों में काम करने वाले लोगों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा के मद्देनजर घर से ही काम करें। वहीं उन्‍होंने सरकार के लिए काम करने वाले लोगों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद वर्क फ्रॉम होम पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल जहां सुविधा है, वे लोग अपने घर से ही काम कर सकते हैं।


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