असम बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए सलमान खान, 'बीइंग ह्यूमन' ने शुरू किया राहत अभियान
असम में इस समय कुदरत का भयानक कहर देखने को मिल रहा है। इस संकट की घड़ी में जहां प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, वहीं बॉलीवुड के कई सितारे भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए ज़मीन पर उतर आए हैं। सुपरस्टार सलमान खान ने भी प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत सामग्री पहुंचाने का बीड़ा उठाया है।
सलमान खान इन दिनों मुंबई में निर्देशक वामशी पैदिपल्ली की एक फिल्म की शूटिंग में बेहद व्यस्त हैं। इसके बावजूद असम के हालात को देखते हुए उन्होंने बिना समय गंवाए राहत कार्यों की योजना बनाई। सलमान की चैरिटेबल संस्था 'बीइंग ह्यूमन' ने स्थानीय स्तर पर 'सलमान खान फैन क्लब असम' के साथ हाथ मिलाया है।
'बीइंग ह्यूमन' और SKFC की टीमें सीधे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों को जीवनरक्षक सामग्री मुहैया करा रही हैं। सलमान खान की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत मिले और फिर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
इसके लिए तीन चरणों की रणनीति बनाई गई है। पहले चरण में गुवाहाटी से बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर ज़िले के लिए खाद्य पैकेट भेजे जा रहे हैं। सलमान की कोशिश है कि हर परिवार के पास कम से कम तीन दिनों का सूखा राशन हो। दूसरे चरण में परिवारों को पूरा राशन किट, आवश्यक दवाइयाँ, पीने का पानी, वाटर प्यूरीफाइंग टेबलेट्स, सैनिटरी पैड्स और मच्छर भगाने वाले कॉइल बांटे जाएंगे।
वहीं तीसरे और अंतिम चरण में 'बीइंग ह्यूमन' बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों और अस्पतालों के पुनर्निर्माण में आर्थिक व बुनियादी सहयोग देगा, ताकि समाज लंबे समय तक इस आपदा से उबर सके।
भूमि पेडनेकर और BDRF का शिवसागर में राहत कार्य
बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने भी असम के लोगों का दर्द महसूस करते हुए 'भारत डिजास्टर रिलीफ फाउंडेशन' (BDRF) के साथ साझेदारी की है। जब भूमि को जानकारी मिली कि BDRF असम के शिवसागर में ज़मीनी स्तर पर काम कर रहा है, तो उन्होंने तुरंत इस एनजीओ के साथ मिलकर राशन, हाइजीन किट और साफ पीने का पानी उपलब्ध कराने का फैसला किया।
7 लाख लोग प्रभावित, मदद की गुहार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम में आई इस भयानक बाढ़ से अब तक लगभग 7 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। राज्य के कई जिले पूरी तरह जलमग्न हैं। ऐसे में बॉलीवुड सितारों और सामाजिक संस्थाओं का आगे आना पीड़ितों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरा है।

