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पद्म भूषण से सम्मानित होने के बाद अलका याग्निक का भावुक पोस्ट, बयां किया बीते दो साल का दर्द

Alka Yagnik Padma Bhushan
मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक को राष्ट्रपति द्रोपर्दी मुर्मु ने 'पद्म भूषण 2026' से सम्मानित किया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामयी नागरिक अलंकरण समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने उन्हें देश के इस तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से नवाजा।
 
इस ऐतिहासिक पल के बाद जहां देश भर के संगीत प्रेमी बेहद खुश हैं, वहीं समारोह के दौरान उनके कमजोर शरीर और सहायक के सहारे चलने के वीडियो ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों को चिंतित कर दिया। इसके तुरंत बाद अलका याग्निक ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक और प्रेरक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने न केवल इस सम्मान के लिए आभार जताया बल्कि अपनी सेहत को लेकर भी बड़ी बात कही।
 
पद्म भूषण मिलने पर हुईं भावुक, प्रशंसकों को समर्पित किया अवॉर्ड
अलका याग्निक ने राष्ट्रपति भवन की अपनी तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा कि यह सम्मान केवल उनके नाम पर हो सकता है, लेकिन असल में यह उन लाखों श्रोताओं का है जिन्होंने पीढ़ियों से उनके गानों को अपने जीवन का हिस्सा बनाया।
उन्होंने लिखा, आज जब मैं पद्म भूषण लेने के लिए बाहर निकली, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह पल मेरे काम की पहचान के साथ-साथ उस ताकत की याद दिलाता है जो मुझे आपके प्यार, उम्मीद और हिम्मत से मिली है। अलका ने इस अवॉर्ड के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
 
दो साल की मुश्किल स्वास्थ्य लड़ाई पर तोड़ी चुप्पी
पिछले कुछ वर्षों से सुर्खियों और पब्लिक इवेंट्स से पूरी तरह दूर चल रहीं अलका याग्निक ने अपनी सेहत पर खुलकर बात की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, पिछले दो सालों से, मैं स्पॉटलाइट से और जनता के सामने आने से दूर रही हूं। आप में से बहुत से लोग जानते थे कि मैं एक कठिन स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रही हूं। इस पूरे सफर में आपका प्यार और दुआएं मेरे साथ रहीं।
 
समारोह में उनके कमजोर दिखने पर फैंस की बढ़ती चिंताओं के बीच उन्होंने एक सकारात्मक संदेश देते हुए कहा, मैं धीरे-धीरे अपना रास्ता वापस ढूंढ रही हूं। मैं आज यहां केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आप सभी के लिए आना चाहती थी जो मेरी इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।
गौरतलब है कि साल 2024 में अलका याग्निक ने पहली बार खुलासा किया था कि वह एक दुर्लभ कान की बीमारी 'सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस' से पीड़ित हैं। यह समस्या उन्हें एक अचानक हुए वायरल अटैक की वजह से हुई थी, जिसके बाद फ्लाइट से उतरते समय उनकी सुनने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थी।
 
इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति के कारण वह पिछले दो सालों से संगीत रिकॉर्डिंग और लाइव शो से दूर हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी साझा किया था कि इस बीमारी के चलते वह संगीतकारों के कई प्रस्तावों को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं क्योंकि वह पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हैं। इसी बीमारी के दौरान उन्होंने युवाओं को हेडफोन के अत्यधिक इस्तेमाल और बहुत तेज आवाज में संगीत सुनने से बचने की चेतावनी भी दी थी।
 
अलका याग्निक का संगीत सफर चार दशकों से भी ज्यादा लंबा है। उन्होंने 'मोहरा' फिल्म के 'टिप टिप बरसा पानी', 'कयामत से कयामत तक' के 'ऐ मेरे हमसफर', 'हम दिल दे चुके सनम' के 'चांद छुपा बादल में' और 'तमाशा' के 'अगर तुम साथ हो' जैसे हजारों कालजयी गानों को अपनी जादुई आवाज दी है। 
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