-
सोना है सदा के लिए
जब भी वैश्विक मुद्रा व शेयर बाजार में उठापटक (वोलेटाइल) की स्थिति बनती है, तब बुलियन बाजार में सोने के भाव बढ़ते हैं। ... -
अँधेरी सुरंग में ढूँढना है उजाला
डी. सुब्बाराव को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बनाने की घोषणा पर अनेक तरह की चर्चाएँ संभव है, यहाँ तक कि इसकी ... -
महँगाई व ब्याज का भार असहनीय
देश की अर्थव्यवस्था में आ रहे धीमेपन एवं विषम वैश्विक परिस्थितियों में भी देश की 1159 कंपनियों ने 7 मई 2008 तक वर्ष ... -
समुचित आपूर्ति की व्यवस्था जरूरी
आर्थिक विकास (जीडीपी) की उच्चवृद्धि दर मुद्रास्फीति को बढ़ावा देती है किंतु भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वायवी रेड्डी ने ... -
पश्चिमी देशों की गैरजिम्मेदारी से बढ़ी महँगाई
विश्व भर में श्रम बाजार में बढ़ी हुई माँग एवं कुछ राहत भरे राजनीतिक कदमों से गरीबों के लिए जरूरी वस्तुओं की उपलब्धि में ... -
बैंकों को अधिक परेशानी नहीं
भारतीय रिजर्व बैंक ने 17 अप्रैल को ही बैंकों की सीआरआर दर में आधे प्रतिशत की वृद्धि का जो निर्णय लिया है उसके तीन मतलब ... -
बैंकों की जोखिम बढ़ेगी!
शेयर बाजार या कंपनियों व बैंकों के लिए नकारात्मक खबरों का सिलसिला जारी है। इसी कॉलम में देश के वित्तीय बाजार पर ... -
बदलेगी विनिमय दर नीति!
भारतीय रिजर्व बैंक का प्रयास अभी तक यही रहा है कि देश के विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की तुलना में रुपए की विनिमय दर ... -
उद्योगों में निराशा की झलक
देश के उद्योगों का उत्पादन अमेरिकी मंदी, वैश्विक वित्तीय बाजार के उभरते संकट से अथवा चीन के आयात से प्रभावित हो रहा है ... -
औसत सुधारने में असफल रहे राघवजी
चाहे केंद्र हो या राज्य- चुनाव के परिप्रेक्ष्य में सभी के बजट डाँवाडोल हो जाते हैं। लोकतंत्र की सबसे बड़ी खामी यही है कि ... -
नहीं दिखाया साहस
चुनाव के परिप्रेक्ष्य में वित्तमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा प्रस्तुत बजट को न तो आर्थिक वृद्धि दर में तेजी लाने वाला कहा ... -
यात्री सुविधाएँ लुभावनी नहीं
वर्ष 2008-09 का देश का पहला ऐसा रेल बजट है जिसमें बुनियादी संरचना निर्माण (इंफ्रास्ट्रक्चर) को अधिक महत्व दिया गया है। ... -
इसलिए बढ़ाई गई निर्यात में राजसहायता
वर्ष 2007-08 के लिए देश की आयात-निर्यात नीति में की गई व्यवस्थाओं से दो स्पष्ट निष्कर्ष निकलते हैं- (1) डॉलर की तुलना ... -
अमेरिका द्वारा घायल रुपया : स्थिति कठिन
अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था को आर्थिक मंदी की स्थिति से बचाने के लिए बैंक ब्याज दर घटा रहा है- ऐसा करके वह अपने हाथ तेजी ... -
निर्यात उद्योगों को शीघ्र दें राहत
रुपए के मजबूत बनने से देश के निर्यात उद्योग पर बहुत ही विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इससे निर्यात घटने की चिंता तो है ही ... -
खामियाजा सरकार क्यों भुगते?
सितंबर माह में रिजर्व बैंक द्वारा घोषित नीति से न तो मुद्रास्फीति बढ़ने का भय कम हुआ है और न डॉलर के मुकाबले रुपए की ... -
उद्योग त्रस्त हैं बढ़ते मुद्रा प्रवाह से
देश के निर्यात उद्योग एवं अंतर बैंक माँग मुद्रा दर बाजार दोनों के हाल बेहाल हैं। इसकी वजह है, डॉलर के मुकाबले बनती रुपए ... -
चिप डिजाइनिंग में भारतीय उद्योग आगे
देश की आईटी, आईटीईएस, बीपीओ एवं फार्मा कंपनियों ने विश्व बाजार में अपनी जो पैठ बनाई है, वैसी ही पैठ सेमीकंडक्टर क्षेत्र ... -
चिप डिजाइनिंग में भारतीय उद्योग आगे
देश की आईटी, आईटीईएस, बीपीओ एवं फार्मा कंपनियों ने विश्व बाजार में अपनी जो पैठ बनाई है, वैसी ही पैठ सेमीकंडक्टर क्षेत्र ... -
फार्मा कंपनियों के शेयरों में उठाव संभव
इन दिनों देश के शेयर बाजार में फार्मा कंपनियों के शेयरों में अधिक कामकाज नहीं हो रहा है और बैंकिंग, सीमेंट व धातु के ...
