Author Priyanka Atharva Mishra 381.html

Sat, 22 Aug 2026

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प्रियंका अथर्व मिश्र
स्वतंत्र लेखिका, कानूनी सलाहकार

मोदी चालीसा, क्या जीवित लोगों की पूजा-पाठ और कर्मकांड उचित है? जानिए हिंदु धर्म के नियम

मोदी चालीसा, क्या जीवित लोगों की पूजा-पाठ और कर्मकांड उचित है? जानिए हिंदु धर्म के नियमदेश में ऐसे कई लोग हैं जो राजनेताओं और अभिनेताओं को देवी-देवताओं का स्थान देकर उनके मंदिर बनवा रहे हैं और बाकायदा उनकी आरती-पूजा करते हैं। सचिन तेंदुलकर, रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, नरेंद्र मोदी और सोनिया गांधी जैसे चर्चित चेहरों के मंदिर बनाए जाने की ख़बरें अक्सर सामने आती रहती हैं। हालाँकि, किसी जीवित या साधारण मनुष्य को भगवान का दर्जा देकर उसकी पूजा करना सनातन और हिंदू धर्म की मूल मान्यताओं के विपरीत है। धर्म के जानकारों के अनुसार, यह प्रवृत्ति वैचारिक और मानसिक पतन को दर्शाती है। वर्तमान में 'नरेंद्र मोदी चालीसा' जैसे विषय भी चर्चा में हैं। आइए समझते हैं कि व्यक्ति-पूजा का यह अंधविश्वास किस तरह हिंदू धर्म की मर्यादा और परंपराओं को नुकसान पहुँचा रहा है।"